बिहार में देश के सबसे बड़े BESS सोलर पावर प्रोजेक्ट से बिजली खरीद के लिए MoU साइन
बिहार के कजरा में स्थापित देश के सबसे बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) वाले सोलर पावर प्रोजेक्ट से बिजली खरीदने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस उद्देश्य के तहत बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी (BSPGCL) और राज्य की दो प्रमुख डिस्कॉम (वितरण कंपनियों) के बीच MoU (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस MoU के तहत BSPGCL और दोनों डिस्कॉम अब सोलर पावर प्रोजेक्ट से बिजली खरीदने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करेंगे। प्रोजेक्ट में शामिल BESS तकनीक की खासियत यह है कि यह सौर ऊर्जा को स्टोर करके जरूरत पड़ने पर बिजली की आपूर्ति कर सकती है। इससे न केवल बिजली की उपलब्धता में सुधार होगा, बल्कि बिजली कटौती और ग्रिड लोड मैनेजमेंट की समस्या भी काफी हद तक कम होगी।
BESS सोलर पावर प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
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बड़ी क्षमता वाला बैटरी स्टोरेज सिस्टम: यह भारत में सबसे बड़े BESS प्रोजेक्ट में से एक है, जो दिन और रात दोनों समय बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
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सौर ऊर्जा का स्टोर और आपूर्ति: सूरज चमकने पर उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त सौर ऊर्जा को स्टोर किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर ग्रिड में भेजा जाएगा।
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ग्रिड स्थिरता में सुधार: BESS तकनीक से बिजली की आपूर्ति स्थिर रहेगी और peak demand के समय में ग्रिड पर दबाव कम होगा।
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पर्यावरण अनुकूल: यह प्रोजेक्ट कोयला आधारित ऊर्जा उत्पादन पर निर्भरता घटाएगा और प्रदूषण कम करने में मदद करेगा।
बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि यह MoU राज्य में अक्षय ऊर्जा और सस्टेनेबल पावर सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि BESS तकनीक से बिजली की आपूर्ति सार्वजनिक और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में सुचारू रूप से हो सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से बिहार को ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में निवेश और तकनीकी उन्नति के अवसर भी मिलेंगे। BESS तकनीक के माध्यम से राज्य में अक्षय ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा और बिजली की विश्वसनीयता में सुधार होगा।
राजनीतिक और ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट राज्य में बिजली संकट और ग्रिड लोड मैनेजमेंट के समाधान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह प्रोजेक्ट राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता को भी बढ़ाएगा और भविष्य में अन्य अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए मॉडल पेश करेगा।
इस MoU के तहत दोनों डिस्कॉम अब बिजली की आपूर्ति के लिए समय-समय पर BSPGCL के साथ तालमेल बनाए रखेंगे। इसके साथ ही, प्रोजेक्ट के संचालन, रखरखाव और ऊर्जा वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियंत्रित तरीके से होगी।
इस प्रकार, कजरा का BESS सोलर पावर प्रोजेक्ट बिहार में सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज तकनीक का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए यह प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण और भविष्यदृष्टि वाला कदम माना जा रहा है।