पटना में दुर्गापूजा के 50 से अधिक पंडालों की जांच, फायर DIG की चेतावनी- कमियां नहीं सुधारीं तो शाम से कार्रवाई
बिहार की राजधानी पटना में दुर्गापूजा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है। शहर में बनाए गए 50 से अधिक पूजा पंडालों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने पंडालों में आग से बचाव के इंतजामों और सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। फायर DIG ने डाकबंगला चौराहे और महावीर मंदिर के पास बने पूजा पंडालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंडालों में अग्निशमन उपकरणों, आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी इंतजामों पर ध्यान दिया। दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है।
कमियां दूर करने के लिए दिया अल्टीमेटम
फायर DIG ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट कहा कि जिन पंडालों में सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाई गई हैं, उन्हें निर्धारित समय में दूर करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शाम तक कमियां ठीक नहीं की गईं, तो संबंधित पंडालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अग्निशमन विभाग की इस चेतावनी के बाद पूजा समितियों को सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने की जरूरत है। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह के खतरे का सामना न करना पड़े।
डाकबंगला और महावीर मंदिर पंडाल की भी जांच
फायर DIG की टीम डाकबंगला चौराहे और महावीर मंदिर के पास बने पंडालों में पहुंची। इन प्रमुख स्थानों पर पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना रहती है। इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान पंडालों में आग लगने की स्थिति में बचाव के इंतजामों और आपातकालीन व्यवस्था पर जोर दिया गया। अग्निशमन विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी आपात स्थिति में दमकलकर्मियों को पहुंचने और राहत कार्य करने में परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विभाग की नजर
दुर्गापूजा के दौरान बिजली की सजावट, अस्थायी ढांचे और भीड़भाड़ के कारण आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पूजा समितियों के लिए अग्निशमन उपकरण रखना और सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।
फायर DIG ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब जिन पंडालों में कमियां मिली हैं, उन्हें समय रहते सुधार करना होगा, अन्यथा विभाग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है।