सरकारी दावों की खुली पोल: ढाका विधानसभा के कई टोले अब भी नियमित बिजली से वंचित, बांस के खंभों के सहारे हो रही सप्लाई
सरकार जहां हर घर तक सुरक्षित और निर्बाध बिजली पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं पूर्वी चंपारण जिले के ढाका विधानसभा क्षेत्र की हकीकत इन दावों से अलग नजर आती है। घोड़ासहन प्रखंड की विजयी पंचायत के कई टोले आज भी बुनियादी बिजली सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। मजबूरी में ग्रामीण बांस के खंभों के सहारे बिजली का उपयोग कर रहे हैं, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। कई स्थानों पर बिजली के पोल नहीं लगाए गए हैं, जिसके कारण लोगों ने अपने स्तर पर बांस के खंभे लगाकर बिजली के तार खींच रखे हैं। यह व्यवस्था न केवल अस्थायी है, बल्कि बेहद खतरनाक भी साबित हो सकती है।
हादसे की आशंका के बीच गुजर रही ग्रामीणों की जिंदगी
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश और तेज हवा के दौरान बांस के खंभे हिलने लगते हैं, जिससे बिजली के तार टूटने या जमीन पर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इससे करंट लगने की घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चे और पशु भी इस जोखिम की जद में रहते हैं।
लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी बिजली पोल लगाने या लाइन को सुरक्षित बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बिजली व्यवस्था सुधारने की उठी मांग
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जल्द से जल्द पक्के बिजली पोल लगाने और जर्जर बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नियमित और सुरक्षित बिजली आपूर्ति आज के समय की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में विजयी पंचायत के इन टोलों में रहने वाले लोगों को भी अन्य क्षेत्रों की तरह सुरक्षित बिजली सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
विभाग से कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द सर्वे कराने तथा आवश्यक स्थानों पर बिजली के पोल और सुरक्षित लाइन लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे न केवल दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी, बल्कि लोगों को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति भी मिल सकेगी।