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मन्नु कुमार हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला, प्रेमिका समेत चार दोषियों को उम्रकैद

 

जिले में करीब सात साल पहले हुए मन्नु कुमार के नृशंस हत्याकांड में न्याय की लंबी प्रक्रिया के बाद अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जिला जज-4 अनिल कुमार की अदालत ने इस सनसनीखेज मामले में मृतक की प्रेमिका, उसके पति, भाई और पिता समेत कुल चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।

अदालत के इस फैसले को न सिर्फ पीड़ित परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। वर्षों से लंबित इस मामले में फैसला आने के बाद यह संदेश गया है कि अपराध चाहे जितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के शिकंजे से अपराधी बच नहीं सकते।

मामले के अनुसार, करीब सात वर्ष पहले मन्नु कुमार की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ सामने आया था। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि मन्नु कुमार का एक महिला से प्रेम संबंध था, जो बाद में उसकी हत्या की साजिश की वजह बना।

जांच में सामने आया कि मृतक की प्रेमिका ने अपने पति, भाई और पिता के साथ मिलकर मन्नु कुमार की हत्या की सुनियोजित साजिश रची। सबूतों और गवाहों के आधार पर पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य सबूत पेश किए, जिससे यह सिद्ध हो गया कि हत्या पूर्व नियोजित थी। अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों पर गहन विचार के बाद चारों आरोपियों को दोषी ठहराया।

फैसला सुनाते हुए जिला जज-4 अनिल कुमार ने कहा कि यह मामला समाज को झकझोर देने वाला है और ऐसे जघन्य अपराधों पर कठोर सजा जरूरी है, ताकि समाज में कानून का डर बना रहे। अदालत ने माना कि आरोपियों का कृत्य न केवल एक व्यक्ति की हत्या है, बल्कि सामाजिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर प्रहार है।

फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा था और आज वह भरोसा मजबूत हुआ है। वहीं, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया।

कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला ऐसे मामलों में एक नजीर बनेगा, जहां पारिवारिक या प्रेम संबंधों की आड़ में जघन्य अपराध किए जाते हैं। इससे अपराधियों को कड़ा संदेश जाएगा कि कानून से बच पाना संभव नहीं है।

इस तरह, मन्नु कुमार हत्याकांड में आया यह फैसला न केवल एक परिवार को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास और न्याय व्यवस्था की मजबूती को भी दर्शाता है।