बाढ़ सुरक्षा कार्य में लगे अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक, 31 अक्टूबर तक नहीं मिलेगा अवकाश
संभावित बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बाढ़ सुरक्षा कार्यों में तैनात पदाधिकारियों और कर्मचारियों को 1 जून से 31 अक्टूबर तक किसी भी प्रकार का अवकाश क्षेत्रीय स्तर पर स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
बाढ़ प्रबंधन को लेकर सख्ती
प्रशासन का कहना है कि मानसून और बाढ़ के मौसम में आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से अवकाश पर यह प्रतिबंध लगाया गया है।
राहत और बचाव कार्यों पर रहेगा फोकस
बाढ़ सुरक्षा कार्यों से जुड़े अधिकारियों को तटबंधों की निगरानी, जलस्तर पर नजर रखने, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी और आपदा प्रबंधन से संबंधित जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर कर्मचारियों की कमी न हो, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है।
विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी अनुमति
सूत्रों के अनुसार, अत्यंत आवश्यक और विशेष परिस्थितियों में ही उच्च स्तर से अवकाश पर विचार किया जा सकता है। सामान्य अवकाश आवेदन क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा स्वीकृत नहीं किए जाएंगे।
मानसून को लेकर प्रशासन अलर्ट
हर वर्ष मानसून के दौरान कई जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए संबंधित विभागों को पहले से ही सतर्क रहने और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि अधिकारियों की लगातार उपलब्धता से बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और लोगों को समय पर राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी।