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मुजफ्फरपुर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों की ठगी, अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश; दो आरोपी गिरफ्तार

 

बिहार के मुजफ्फरपुर में साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। मामले में पुलिस ने गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या दो हो गई है। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी।

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करते थे ठगी

डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का एक ऐसा तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, कस्टम या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। वे पीड़ितों को किसी कथित आपराधिक मामले में फंसाने या गिरफ्तारी की धमकी देकर वीडियो कॉल पर रहने और पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाते हैं।

इस तरह के मामलों में ठग अक्सर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों से लाखों रुपये तक ऐंठ लेते हैं। हालांकि, कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई आधिकारिक प्रक्रिया नहीं है। जांच एजेंसियां वीडियो कॉल के जरिए किसी व्यक्ति को इस तरह गिरफ्तार करके पैसे जमा कराने का निर्देश नहीं देतीं।

अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई में अब तक गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह पर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है।

साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मामले से जुड़ी जानकारी साझा की। अंतरराज्यीय गिरोह होने के कारण जांच में अन्य लोगों की भूमिका और ठगी के नेटवर्क का पता लगाना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों के नाम, उनकी गिरफ्तारी की जगह, ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस की जांच में इन पहलुओं को लेकर और तथ्य सामने आ सकते हैं।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से कैसे बचें?

साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।

  • किसी अनजान व्यक्ति के वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताने पर तुरंत भरोसा न करें।

  • गिरफ्तारी या मुकदमे का डर दिखाकर पैसे मांगने वालों को रकम ट्रांसफर न करें।

  • बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

  • ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

मुजफ्फरपुर में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। आधिकारिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों से मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।