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किशनगंज की जूही दास ने UPSC परीक्षा में 649वां रैंक हासिल कर जिले का नाम रौशन किया

 

बिहार के किशनगंज जिले की खगड़ा क्षेत्र की रहने वाली जूही दास ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर जिले का नाम रौशन किया है। जूही दास ने परीक्षा में 649वां रैंक हासिल किया है।

इस सफलता के बाद पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोग और परिचित लगातार जूही को बधाइयां दे रहे हैं और उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। जूही दास खगड़ा प्रेमपुल निवासी स्वर्गीय निवारण दास और अन्निका दास की पुत्री हैं।

जानकारी के अनुसार, जूही को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। इससे पहले वह अपने दूसरे और तीसरे प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं हो पाया था। चौथे प्रयास में मिली यह सफलता उनके संघर्ष, मेहनत और लगन का परिणाम है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जूही दास ने यह साबित कर दिया है कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके संघर्ष और लगन की कहानी अब जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

शिक्षक और समाजिक संगठन भी जूही की इस उपलब्धि की सराहना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि UPSC जैसी कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाना आसान नहीं है। जूही दास की मेहनत और धैर्य इसे और भी प्रेरणादायक बनाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और छोटे शहरों से इस तरह की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा और मेहनत किसी बड़े शहर या संसाधनों तक सीमित नहीं होती। उन्होंने बताया कि यदि युवा सही दिशा और मार्गदर्शन में मेहनत करें तो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

जूही दास की इस सफलता ने किशनगंज जिले के लिए गर्व का क्षण पैदा किया है। उनके माता-पिता और परिवारजन भी उनकी उपलब्धि से भावुक हैं और उन्हें बधाई दे रहे हैं। परिवार के करीबी बताते हैं कि जूही ने लंबे समय तक कठिन मेहनत और पढ़ाई के साथ-साथ साक्षात्कार की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया।

स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग ने भी जूही दास को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित करने की योजना बनाई है। यह कदम अन्य छात्रों को भी प्रेरित करेगा कि वे कठिन परिश्रम और लगन से बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

इस प्रकार, किशनगंज की जूही दास ने UPSC परीक्षा में अपनी सफलता से यह साबित कर दिया है कि लगन, मेहनत और धैर्य से कोई भी युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में जिले के युवाओं और छात्राओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बनेगी।