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बिहार STF और कर्नाटक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, लूटकांड में वांछित दो आरोपी भागलपुर और दरभंगा से गिरफ्तार

 

बिहार विशेष कार्य बल (STF) ने कर्नाटक पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर लूटपाट के एक बड़े मामले में अहम सफलता हासिल की है। कर्नाटक में लाखों रुपये की लूटपाट को अंजाम देने के बाद फरार चल रहे दो वांछित अपराधियों को बिहार के भागलपुर और दरभंगा जिलों से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकद राशि और कीमती आभूषण भी बरामद किए गए हैं।

STF सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक पुलिस को हाल ही में एक बड़ी लूट की घटना में इन दोनों अपराधियों की तलाश थी। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया इनपुट के आधार पर यह जानकारी मिली कि दोनों आरोपी बिहार में छिपे हुए हैं। इसके बाद बिहार STF और कर्नाटक पुलिस के बीच आपसी समन्वय स्थापित किया गया और संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई गई।

पहली गिरफ्तारी भागलपुर जिले से की गई, जहां आरोपी लंबे समय से पहचान छिपाकर रह रहा था। वहीं दूसरी गिरफ्तारी दरभंगा जिले से हुई, जहां दूसरा आरोपी अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए था। दोनों आरोपियों को गुप्त सूचना के आधार पर दबोचा गया। गिरफ्तारी के दौरान किसी तरह का विरोध नहीं हुआ।

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से लाखों रुपये की नकद राशि और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ये सभी सामान कर्नाटक में हुई लूट की वारदात से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब बरामद सामान की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया में जुटी हुई है।

STF अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी शातिर अपराधी हैं और पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लूटकांड में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इस गिरोह का नेटवर्क अन्य राज्यों में भी फैला हुआ है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें कर्नाटक पुलिस को ट्रांजिट रिमांड पर सौंपे जाने की संभावना है। कर्नाटक पुलिस आगे की पूछताछ कर पूरे लूटकांड का खुलासा करने में जुटेगी।

इस संयुक्त कार्रवाई को पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और अपराध के खिलाफ सख्त रुख का उदाहरण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ इस तरह की समन्वित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

इस सफलता से यह संदेश साफ है कि अपराध कर दूसरे राज्य में छिपने वाले अपराधियों को भी कानून के शिकंजे से बचाया नहीं जा सकता। बिहार STF और कर्नाटक पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में खौफ और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।