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JDU का BJP में विलय होगा’, RJD के ऑफर के बाद तेजस्वी का बड़ा दावा; UCC पर भी बोले

 

बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा दावा किया है। तेजस्वी ने कहा है कि आने वाले समय में JDU का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय हो सकता है। उन्होंने JDU को बीजेपी की ‘बी टीम’ बताते हुए यह दावा किया। तेजस्वी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब RJD की ओर से नीतीश कुमार और JDU को महागठबंधन में लौटने का सार्वजनिक ऑफर दिया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने JDU को NDA से अलग होकर महागठबंधन के साथ आने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद तेजस्वी यादव ने JDU के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि JDU धीरे-धीरे बीजेपी के साथ पूरी तरह जुड़ती जा रही है और भविष्य में उसका बीजेपी में विलय हो सकता है। यह तेजस्वी का राजनीतिक दावा है, न कि JDU या BJP की ओर से घोषित विलय की जानकारी।

UCC को लेकर भी तेजस्वी का बयान

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC भी प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी बिहार में UCC लागू नहीं होने देगी। वहीं, UCC को लेकर JDU के रुख और NDA के भीतर इस मुद्दे पर मतभेद को लेकर बिहार में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मामलों में समान कानूनी प्रावधान लागू करना है। केंद्र की ओर से इसे लेकर राज्य स्तर पर आगे बढ़ने की बात कही गई है। फिलहाल उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में UCC से जुड़े कानून पारित हो चुके हैं, जबकि उत्तराखंड में इसे लागू किया जा चुका है।

बिहार में बढ़ी राजनीतिक हलचल

UCC को लेकर JDU का रुख बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। इसी बीच RJD की ओर से JDU को साथ आने का प्रस्ताव और तेजस्वी यादव का BJP में विलय संबंधी दावा राजनीतिक चर्चा को और बढ़ा रहा है। हालांकि, JDU के BJP में विलय को लेकर फिलहाल तेजस्वी यादव के दावे के अलावा कोई घोषित विलय फैसला सामने नहीं आया है।

ऐसे में बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में JDU, BJP और RJD के बीच समीकरण को लेकर गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। फिलहाल तेजस्वी यादव का बयान एक राजनीतिक भविष्यवाणी के रूप में सामने आया है, जबकि JDU का वास्तविक संगठनात्मक या गठबंधन संबंधी फैसला अलग विषय है।