रायपुर में इंटरनेशनल साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिक थे निशाने पर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्राइम ब्रांच ने बुधवार को एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह रायपुर में संचालित एक अवैध कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी तकनीकी सहायता और बैंकिंग सेवाओं के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर उनसे ठगी करते थे।
क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए अब तक 41 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या आगे बढ़ सकती है, क्योंकि जांच में गिरोह के और सदस्यों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम, कॉलिंग डाटा और संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच को तेज कर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और इसमें कई स्तरों पर लोग शामिल थे। कुछ लोग कॉलिंग ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे, जबकि कुछ तकनीकी और मैनेजमेंट स्तर पर संचालन संभाल रहे थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन किन-किन राज्यों और देशों तक फैला हुआ है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसमें विदेशी लिंक भी मौजूद हैं।
निष्कर्षतः, रायपुर में हुई यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क पर महत्वपूर्ण प्रहार हुआ है।