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हाजीपुर में दरोगा ने किया सुसाइड, सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली… 15 दिन पहले हुआ ट्रांसफर
 

 

बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद दर्दनाक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला Hajipur नगर थाना क्षेत्र का है, जहां एक पुलिस दरोगा ने अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, जहां पुलिस अधिकारी गंभीर हालत में पाए गए। हालांकि, उन्हें तुरंत बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मृतक दरोगा की पहचान 2019 बैच के प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी कौशल किशोर कुमार के रूप में हुई है, जो खगड़िया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे पुलिस विभाग में शोक और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। इसमें वैशाली एसपी Vikram Sihag, सदर-1 एसडीपीओ Subodh Kumar और नगर थाना अध्यक्ष Sikander Kumar सहित कई थानों की पुलिस टीम शामिल थी। अधिकारियों ने घटनास्थल को तुरंत घेरकर जांच शुरू कर दी और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।

पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में दरोगा ने इतना बड़ा कदम उठाया। उनके बैकग्राउंड, ड्यूटी प्रेशर और निजी जीवन से जुड़ी जानकारियां भी खंगाली जा रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना बेहद अप्रत्याशित है और किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा कि एक युवा पुलिस अधिकारी ऐसा कदम उठा सकता है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसर गया है।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले में सभी जरूरी तकनीकी और मानवीय पहलुओं की जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि मृतक के परिवार को हर संभव सहायता दी जाए।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहराई से छानबीन कर रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक दबाव और कार्यस्थल की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।