गया में STF की टीम पर ग्रामीणों का जबरदस्त हमला — तीन जवान घायल, हथियार भी लूटे गए
बिहार के गया जिले के खिरियामा गांव में एक बड़ी हिंसक घटना सामने आई है, जहाँ वांटेड अपराधी की गिरफ्तारी के लिए भेजी गई बिहार एसटीएफ (Special Task Force) की टीम पर स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए और भीड़ ने दो सर्विस पिस्तौल भी छीनकर ले लीं, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
घटना 23 फरवरी 2026 की दोपहर उस समय हुई जब STF की टीम खिरियामा गांव में कथित वांटेड अपराधी की तलाश में पहुंची थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टीम के पहुंचने के बाद गांव में अफ़रातफ़री फैल गई और कुछ ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर बिना किसी चेतावनी के ही हमला कर दिया। अचानक भड़की इस हिंसा के कारण जवानों को खुद की सुरक्षा के लिए पीछे हटना पड़ा।
भीड़ ने किया जमकर हमला, जवानों पर चलाई थूक-प्रहार
स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ ने STF पर लाठी-डंडों से हमला किया और उन पर थूक भी फेंका। भीड़ की बढ़ती संख्या और स्थिति को नियंत्रित न कर पाने के कारण कई जवानों को चोटें आईं। हमले में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक कुछ जवानों को सिर तथा आँखों में गंभीर चोटें आई हैं।
हमले के दौरान भीड़ ने दो सर्विस पिस्टल (सशस्त्र पिस्तौल) भी छीन लीं और घटनास्थल से भाग निकली। इस घटना से न केवल LAW & ORDER की चिंता बढ़ गई, बल्कि यह भी सवाल खड़े कर रहा है कि किस हद तक आम लोग सुरक्षा बलों के साथ संवादहीनता में उतर आते हैं।
हथियार लूटने के बाद शुरू हुआ व्यापक सर्च ऑपरेशन
घटना के तुरंत बाद पुलिस तथा STF ने पूरे इलाके को घेर लिया और देर रात तक एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। खिरियामा तथा आसपास के गांवों में जांच-पड़ताल और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। पुलिस के अनुसार अब तक कुछ लोगों की पहचान हो चुकी है और उन्हें हिरासत में लेने के प्रयास जारी हैं।
इलाके में तनाव बढ़ने के कारण वहाँ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि हालात को नियंत्रण में रखा जा सके। स्थानीय प्रशासन भी ग्रामीणों के साथ बातचीत कर शांति बहाल करने का प्रयास कर रहा है। इस बीच घायल जवानों की हालत को लेकर चिकित्सकों ने बताया है कि इलाज जारी है और उन सभी को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है।
घटना के राज खुलने की कोशिश जारी
प्रशासन तथा पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किस गलतफहमी, अफ़वाह, या स्थानीय संघर्ष के कारण यह हिंसक घटना इतनी बुरी तरह भड़क गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जानकारी यह भी है कि भीड़ ने STF को रोकने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया और इस हिंसा के पीछे किसी व्यक्तिगत विवाद का भी हाथ हो सकता है, इस दिशा में भी जांच जारी है।
राज्य सरकार ने भी इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और बताया कि दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ़ से कहा गया है कि कानून-व्यवस्था को कड़े तरीके से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और सुरक्षा बलों को पूरा सहयोग दिया जाएगा।