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बांका में प्रेमी युगल ने मंदिर में रचाई शादी, परिजनों के डर से पहुंचे सीधे थाने

 

बिहार के बांका जिले के शम्भूगंज में गुरुवार की शाम एक अनोखा और चर्चित मामला सामने आया, जिसने स्थानीय बाजार और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बना दिया। दरअसल, एक प्रेमी युगल ने शम्भूगंज स्थित सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विवाह रचा लिया। मंदिर में शादी के बाद जब दोनों को अपने परिजनों और स्वजनों के आक्रोश का अंदेशा हुआ, तो उन्होंने बिना समय गंवाए सीधे स्थानीय थाना पहुंचकर पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई।

प्रेमी युगल के अचानक थाने पहुंचने से कुछ देर के लिए पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस अधिकारियों ने जब दोनों से पूछताछ की तो युवक और युवती ने स्पष्ट रूप से बताया कि वे पिछले चार वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और उन्होंने पूरी तरह स्वेच्छा से, बिना किसी भय, दबाव या प्रलोभन के मंदिर में विवाह किया है।

पुलिस के अनुसार, दोनों बालिग हैं और कानूनी रूप से विवाह के योग्य हैं। युवक और युवती ने बताया कि उनके रिश्ते की जानकारी पहले से ही कुछ लोगों को थी, लेकिन परिवार की असहमति के कारण वे विवाह नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने आपसी सहमति से मंदिर में शादी करने का फैसला लिया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जैसे ही मंदिर में शादी की खबर बाजार में फैली, लोग इस अनोखी घटना को लेकर चर्चा करने लगे। कुछ लोगों ने प्रेमी युगल के साहस की सराहना की, तो वहीं कुछ ने पारिवारिक और सामाजिक मर्यादाओं का हवाला देते हुए इसे विवादास्पद बताया।

थाना प्रभारी ने बताया कि प्रेमी युगल ने सुरक्षा की मांग की है, क्योंकि उन्हें आशंका है कि परिजन उनके विवाह से नाराज हो सकते हैं। पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि दोनों को किसी प्रकार का खतरा न हो।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामलों में सबसे पहले यह देखा जाता है कि दोनों पक्ष बालिग हैं या नहीं और विवाह आपसी सहमति से हुआ है या नहीं। इस मामले में दोनों ही शर्तें पूरी होती नजर आ रही हैं। ऐसे में कानून प्रेमी युगल के पक्ष में खड़ा होता है।

सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में आज भी प्रेम विवाह को लेकर सामाजिक दबाव और पारिवारिक विरोध देखने को मिलता है। ऐसे मामलों में प्रेमी युगल अक्सर मंदिर या कोर्ट में शादी कर पुलिस की शरण लेते हैं। यह घटना भी उसी सामाजिक सच्चाई को दर्शाती है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से संपर्क में है। प्रेमी युगल को समझाया गया है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की धमकी या दबाव की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

इस तरह, शम्भूगंज में मंदिर विवाह के बाद थाने पहुंचे प्रेमी युगल का मामला न केवल स्थानीय चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि एक बार फिर प्रेम विवाह, सामाजिक स्वीकृति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को भी सामने ले आया है।