इमामगंज-कोठी-सलैया सड़क होगी चौड़ी, बिहार-झारखंड का सफर होगा आसान; 50 हजार लोगों को सीधा लाभ
Vikramshila Setu के क्षतिग्रस्त हिस्से पर यातायात बहाल करने के लिए अब तेजी से काम शुरू किया जा रहा है। सीमा सड़क संगठन यानी Border Roads Organisation (BRO) ने सेतु के टूटे हिस्से पर 15 दिनों के भीतर करीब 50 मीटर लंबा बेली ब्रिज बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस अस्थायी पुल के तैयार होने के बाद छोटे वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के मुताबिक, विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और आसपास के इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया था। खासतौर पर छोटे व्यापारियों, छात्रों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन और BRO ने मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज लगाया जाएगा। यह एक अस्थायी लेकिन मजबूत संरचना होती है, जिसे आपात स्थिति में तेजी से तैयार किया जाता है। लगभग 50 मीटर लंबे इस बेली ब्रिज से हल्के और छोटे वाहनों की नियंत्रित आवाजाही शुरू की जाएगी। इससे पुल पूरी तरह बंद रहने की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी।
इसके साथ ही विक्रमशिला सेतु के समानांतर दो लेन का ट्रस ब्रिज भी तैयार किया जाएगा। यह पुल पैदल यात्रियों और सीमित वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को जोखिम उठाकर यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
BRO के इंजीनियरों और तकनीकी टीमों ने मौके पर पहुंचकर सर्वे शुरू कर दिया है। निर्माण सामग्री और मशीनों को भी साइट पर पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने की कोशिश की जाएगी, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल हो सके।
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई थी। लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा था। अब बेली ब्रिज और ट्रस ब्रिज बनने से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पुल पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित तरीके से होगी और भारी वाहनों के प्रवेश पर फिलहाल रोक रहेगी। साथ ही मौके पर पुलिस और तकनीकी टीमों की निगरानी भी रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बेली ब्रिज आपातकालीन परिस्थितियों में बेहद प्रभावी समाधान साबित होता है। हालांकि यह स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन इससे आम लोगों की परेशानी काफी हद तक कम की जा सकती है।
फिलहाल विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत और वैकल्पिक पुल निर्माण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगी और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।