पीएमसीएच में साल के अंत तक खुलेगा हाई लेवल ट्रॉमा सेंटर, गंभीर मरीजों को मिलेगी 24 घंटे विशेषज्ञ सुविधा
बिहार की राजधानी पटना स्थित पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में इस साल के अंत तक हाई लेवल ट्रॉमा सेंटर शुरू होने की तैयारी है। इसके लिए अस्पताल के हड्डी रोग विभाग की ओर से विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस सेंटर के शुरू होने के बाद गंभीर दुर्घटना और चोट के मरीजों को एक ही जगह पर सभी जरूरी विशेषज्ञ सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हो सकेंगी।
पीएमसीएच का यह ट्रॉमा सेंटर राजधानी में एम्स पटना के बाद दूसरा बड़ा सरकारी ट्रॉमा सेंटर होगा। यहां सड़क दुर्घटना, गंभीर चोट, हड्डी टूटने, सिर में चोट और अन्य आपात स्थितियों से जुड़े मरीजों के इलाज के लिए अत्याधुनिक व्यवस्था विकसित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, पीएमसीएच में रोजाना औसतन 15 से 20 गंभीर ट्रॉमा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें सड़क हादसों में घायल लोग, ऊंचाई से गिरने वाले मरीज और अन्य गंभीर चोट के मामले शामिल होते हैं। वर्तमान में ऐसे मरीजों को कई बार अलग-अलग विभागों में भेजना पड़ता है, जिससे इलाज में समय लग सकता है। नए ट्रॉमा सेंटर के शुरू होने के बाद सभी विशेषज्ञ सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
हड्डी रोग विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव में ट्रॉमा मरीजों के लिए विशेष वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी सेवाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की व्यवस्था शामिल की गई है। इसमें ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसिया, जनरल सर्जरी सहित अन्य विभागों के विशेषज्ञों को जोड़ने की योजना है।
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि हाई लेवल ट्रॉमा सेंटर के शुरू होने से गंभीर मरीजों के इलाज में तेजी आएगी और समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी। ट्रॉमा मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, ऐसे में एकीकृत व्यवस्था मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।
पीएमसीएच में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। नए ट्रॉमा सेंटर के जरिए अस्पताल की आपात चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। प्रस्ताव को आगे की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण और अन्य प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी, ताकि तय समय सीमा के अंदर इसे मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जा सके।