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जंगली हाथियों के झुंड ने घर और फसल को किया क्षतिग्रस्त, बड़ा हादसा टला

 

जमुई के गरही थाना क्षेत्र के ताराटांड़ गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने सोमवार की रात हड़कंप मचा दिया। झुंड ने स्थानीय निवासी महादेव हांसदा के घर को भारी क्षति पहुंचाई। सौभाग्य से घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार का बड़ा हादसा टल गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हाथियों ने गांव में प्रवेश करते ही घर के चारों ओर भारी नुकसान किया। घर के फर्श, दरवाजे और फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही, हाथियों ने किसानों की गेहूं की फसल को भी बर्बाद कर दिया, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र हाथियों के आवागमन वाले जंगल के निकट है। इसके कारण बार-बार हाथियों के घरों और खेतों में घुसने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि हाथियों के मार्ग और सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

गरही थाना के पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना की सूचना मिलते ही टीम गांव पहुंची और हाथियों को भगाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि हाथियों को जंगल की ओर लौटाने के लिए प्रयास जारी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानव-वन्य जीव संघर्ष का यह एक गंभीर उदाहरण है। खेती और आवासीय क्षेत्रों के विस्तार के कारण हाथियों के प्राकृतिक आवास सिकुड़ गए हैं। इसके परिणामस्वरूप हाथी अक्सर गांवों में प्रवेश कर खेतों और घरों को नुकसान पहुंचाते हैं।

स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे और राहत राशि देने की योजना बनाना शुरू कर दी है। इसके अलावा, हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।

ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने हाथियों को देखकर तुरंत गांव के अन्य हिस्सों को सतर्क कर दिया। इससे कोई भी व्यक्ति हाथियों के पास नहीं गया, और किसी की जान बची। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों और चेतावनी संकेतों को मजबूत किया जाए।

जमुई जिले में पिछले कुछ वर्षों में मानव और जंगली हाथियों के बीच कई संघर्ष की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ मानव सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए आवासीय क्षेत्रों के नजदीक जंगलों में सुरक्षित कॉरिडोर और चेतावनी प्रणालियां बनाई जानी चाहिए।

इस प्रकार, ताराटांड़ गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने घर और फसल को क्षतिग्रस्त किया, लेकिन सौभाग्य से किसी का जीवन सुरक्षित रहा। प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता ने बड़ी घटना को टालने में मदद की।