‘बच्चों को पढ़ाते थे, किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखते थे’, पड़ोसियों ने बताया संदिग्ध का व्यवहार
"यहां रहकर बच्चों को पढ़ाते थे। ज्यादा लोगों से बात नहीं करते थे। पड़ोस में रहने के बावजूद हमलोग उन्हें बहुत कम ही देखते थे। एक-दो बार घर से सामान लेने के लिए निकलना और फिर वापस घर में चले जाना, यही उनका रूटीन था। बच्चों को पढ़ाने के लिए वे पैसे भी नहीं लेते थे।"
यह बातें उस व्यक्ति के पड़ोसियों ने बताईं, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों के आरोप में हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के बाद इलाके में लोगों के बीच चर्चा का माहौल है और स्थानीय निवासी उसके बारे में अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
पड़ोसियों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति का जीवन बेहद सादा और सीमित दायरे में रहने वाला प्रतीत होता था। वह अधिकतर समय घर के अंदर ही बिताता था और स्थानीय लोगों के साथ उसका मेलजोल बहुत कम था। आसपास के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी उसके व्यवहार में कोई असामान्य बात नहीं देखी थी।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह बच्चों को पढ़ाने का काम करता था और कई बच्चों को निशुल्क शिक्षा भी देता था। इसी वजह से क्षेत्र के कुछ लोग उसे एक शिक्षक के रूप में जानते थे। हालांकि, वह सामाजिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक गतिविधियों में बहुत कम दिखाई देता था।
गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद इलाके के लोग हैरान हैं। कई लोगों का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी गतिविधि की जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को वे एक शांत स्वभाव के शिक्षक के रूप में जानते थे, उसके खिलाफ लगे आरोपों ने सभी को चौंका दिया है।
वहीं, सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और संदिग्ध की गतिविधियों का दायरा क्या था। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और उसके संपर्कों व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां हर पहलू को गंभीरता से देख रही हैं। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आता है। फिलहाल इलाके में इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चा का दौर जारी है और लोग आगे की जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।