कांड कर भाग जाता था मलेशिया, 28 साल तक दिया चकमा... बिहार में पकड़े गए नेपाल के जयराम डकैत की कहानी
नेपाल के कुख्यात अपराधी Jayaram Dacoit की गिरफ्तारी ने बिहार और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता दिलाई है। करीब 28 वर्षों तक पुलिस को चकमा देने वाला जयराम डकैत आखिरकार बिहार में पकड़ा गया। उसके अपराध और फरारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि वह बड़ी वारदातों को अंजाम देने के बाद मलेशिया भाग जाता था और वहीं छिपकर वर्षों तक पुलिस से बचता रहा।
जानकारी के मुताबिक, जयराम डकैत नेपाल का बेहद कुख्यात अपराधी माना जाता रहा है। उस पर डकैती, लूट, हत्या और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे। नेपाल पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन हर बार वह पुलिस के हाथ लगने से पहले फरार हो जाता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, जयराम बेहद शातिर तरीके से काम करता था। वह वारदात को अंजाम देने के बाद नेपाल छोड़कर मलेशिया चला जाता था। वहां फर्जी पहचान और नेटवर्क के सहारे वह वर्षों तक छिपा रहता था। जब पुलिस की सक्रियता कम होती, तब वह फिर नेपाल या भारत के सीमावर्ती इलाकों में लौट आता था।
बताया जा रहा है कि बिहार और नेपाल सीमा के कई इलाकों में उसका मजबूत नेटवर्क था। इसी नेटवर्क की मदद से वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहता था। सुरक्षा एजेंसियों को कई बार उसके बारे में सूचना मिली, लेकिन वह हर बार बच निकलने में सफल रहा।
हाल ही में बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली कि जयराम सीमावर्ती इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद विशेष टीम गठित कर निगरानी बढ़ाई गई। कई दिनों तक तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। आखिरकार एक सुनियोजित ऑपरेशन के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के समय भी जयराम ने पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन इस बार उसकी चालाकी काम नहीं आई। अधिकारियों का कहना है कि उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और संपर्क सूत्रों की जानकारी भी मिली है। अब उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क और पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
नेपाल पुलिस भी इस गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मान रही है। बताया जा रहा है कि जयराम लंबे समय से नेपाल के मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी के बाद सीमा पार अपराध से जुड़े कई मामलों के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के बीच भी जयराम डकैत का नाम लंबे समय से डर का पर्याय बना हुआ था। कई लोग उसे बेहद खतरनाक और चालाक अपराधी बताते हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद सीमावर्ती इलाकों में राहत का माहौल देखा जा रहा है।
फिलहाल बिहार पुलिस और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां मिलकर उससे पूछताछ कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उसके जरिए कई बड़े अपराधों और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। 28 साल तक फरार रहने वाले इस अपराधी की गिरफ्तारी अब दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।