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संग्रामपुर में ‘हर घर नल का जल’ योजना विफल, ग्रामीण पानी की समस्या से परेशान

 

प्रखंड में चल रही ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत ग्रामीणों को नल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का उद्देश्य असफलता की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। उत्तरी भवानीपुर पंचायत के वार्ड-1 और वार्ड-7 में महीनों से पानी की आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि गौस नगर में स्टेबलाइजर जलने के बाद चार माह से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। इसके अलावा, धोबहा में स्थित जल टंकी एक साल से बंद पड़ी है, जिससे ग्रामीण दैनिक जीवन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पानी न मिलने के कारण उन्हें दूरस्थ स्थानों से जल लाना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बर्बादी हो रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल कागजों में ही सफल दिखाई दे रही है, जबकि वास्तविकता में ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण योजना पूरी तरह से क्रियान्वित नहीं हो पा रही है। स्टेबलाइजर की खराबी और टंकी की बंद स्थिति के कारण नल के माध्यम से पानी की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अधिकारीयों का कहना है कि जल्द ही मरम्मत और तकनीकी सुधार के बाद पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘हर घर नल का जल’ जैसी योजनाओं की सफलता केवल योजना बनाने में नहीं बल्कि उनका सही क्रियान्वयन और रखरखाव में भी निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि तकनीकी खराबी और प्रशासनिक लापरवाही योजनाओं को असफल बनाती हैं और ग्रामीणों में असंतोष पैदा करती हैं।

स्थानीय समाजसेवियों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज करना और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करना योजना की वास्तविक सफलता को प्रभावित करता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और भविष्य में इस तरह की विफलताओं को रोकने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या ने उनके जीवन और रोजमर्रा की गतिविधियों पर गहरा असर डाला है। घर में खाना बनाने, बर्तन धोने और पीने के पानी की व्यवस्था जैसी मूलभूत जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। इस समस्या के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को भी असुविधा झेलनी पड़ रही है।

संग्रामपुर प्रखंड में यह मामला योजना की विफलता और प्रशासनिक सुस्ती का उदाहरण बन गया है। विशेषज्ञ और ग्रामीण दोनों का कहना है कि ‘हर घर नल का जल’ योजना का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंचेगा जब नियमित आपूर्ति, तकनीकी मरम्मत और समय पर समस्या निवारण सुनिश्चित किया जाएगा।

इस प्रकार, उत्तरी भवानीपुर पंचायत और आसपास के गांवों में ‘हर घर नल का जल’ योजना की विफलता ने ग्रामीणों के जीवन में कठिनाई बढ़ा दी है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।