विक्रमशीला सेतु पर बढ़ती दरारों ने बढ़ाई खतरे की आशंका, भारी वाहनों से कंपन महसूस
भागलपुर का गौरव और पूर्वी बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशीला सेतु की हालत अब चिंताजनक हो गई है। पुल के एक्सपेंशन जॉइंट में दरारों और गैप में लगातार वृद्धि देखने को मिली है, जो स्थानीय प्रशासन और यात्रियों दोनों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है।
जानकारी के अनुसार, पुल के एक्सपेंशन जॉइंट में पहले यह दरार केवल 1 से 2 इंच की थी, लेकिन अब यह बढ़कर लगभग 7 इंच तक पहुंच चुकी है। इस बढ़ती दरार के कारण पुल पर गुजरते भारी वाहनों के लिए तेज कंपन महसूस होता है। स्थानीय लोगों और रोजाना सेतु का उपयोग करने वाले वाहन चालकों का कहना है कि हर दिन पुल पार करने में एक तरह का जोखिम बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सेतु न केवल भागलपुर के लिए बल्कि पूरी पूर्वी बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्शन है। इसके जरिए रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। अगर इस पुल की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो बड़े हादसे का खतरा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सपेंशन जॉइंट में गैप बढ़ना एक गंभीर संकेत है कि पुल की संरचना में उम्र और भारी ट्रैफिक का असर देखा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि पुल की नियमित निरीक्षण और मरम्मत के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया है और पुल के रख-रखाव और सुरक्षा उपायों पर विचार करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि पुल पर आने वाले भारी वाहनों के लिए चेतावनी और आवश्यक निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर पुल की मरम्मत और सुरक्षा जांच नहीं की गई, तो दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए एक्सपेंशन जॉइंट और पुल के अन्य हिस्सों की जांच, दरारों की मरम्मत और संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करना आवश्यक है।
स्थानीय लोग भी प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि पुल के दोनों ओर सुरक्षा संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुल पर ट्रैफिक नियंत्रित करने और भारी वाहनों को सावधानी से गुजरने के निर्देश देने की आवश्यकता है।
विक्रमशीला सेतु की यह स्थिति यह स्पष्ट करती है कि पूर्वी बिहार में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर ध्यान देना कितना महत्वपूर्ण है। यह पुल न केवल यातायात के लिए बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की जिंदगी के लिए भी अहम है।
अगर प्रशासन समय रहते उचित कदम नहीं उठाता है, तो इस ऐतिहासिक पुल पर हादसे की आशंका बनी रहेगी। विशेषज्ञ और स्थानीय लोग दोनों ही पुल की मरम्मत और निगरानी की मांग कर रहे हैं, ताकि यात्रियों की जान और वाहन सुरक्षित रहें।