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गौतम अदानी ने भागलपुर में 30,000 करोड़ के मेगा पावर प्रोजेक्ट का जायजा लिया

 

बिहार के भागलपुर में उद्योगपति गौतम अदानी रविवार को बड़ी औद्योगिक परियोजना का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने यहां चल रहे 30,000 करोड़ रुपये के थर्मल पावर प्रोजेक्ट का जायजा लिया, जो राज्य में ऊर्जा की मांग को पूरा करने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाया जा रहा है। यह निवेश अब तक बिहार में किसी निजी कंपनी द्वारा किए गए सबसे बड़े औद्योगिक निवेशों में से एक माना जा रहा है।

बड़ी बिजली परियोजना का विस्तृत अवलोकन

पावर प्रोजेक्ट भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के सिरमतपुर इलाके में लगभग 479 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना 2400 मेगावाट क्षमता वाला अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट होगा, जिसका निर्माण चरण प्रगति पर है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर राज्य में बिजली की निरंतर उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

गौतम अदानी ने निरीक्षण के दौरान परियोजना स्थल पर चहारदीवारी निर्माण, भूमि समतलीकरण तथा अन्य तैयारियों की समीक्षा की और यह स्पष्ट किया कि यह परियोजना अगले पांच वर्षों में पूरी होने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और कार्यबल से चर्चा भी की ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके।

रोज़गार और आर्थिक प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रोजेक्ट का क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव होगा। निर्माण के दौरान अनुमानतः 10,000 से 12,000 लोगों को रोजगार मिल सकता है, जबकि परियोजना के संचालन चरण में लगभग 3,000 स्थायी नौकरियां सृजित होंगी। इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय श्रमिकों और व्यवसायों को भी फायदा मिलेगा।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार की ऊर्जा जरूरतों को मजबूती देगी और औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगी। इससे राज्य के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

पर्यावरण और समुदाय की भागीदारी

दौरे के दौरान गौतम अदानी ने पौधरोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया, जो परियोजना की पर्यावरणीय जिम्मेदारी को दर्शाता है। उन्होंने क्षेत्र में वृक्षारोपण किया ताकि विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी कायम रहे। स्थानीय समुदाय के लोगों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

बड़ी रणनीतिक निवेश योजना का संकेत

यह परियोजना बिहार में सतत विकास के प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए यह एक बड़ा उदाहरण है। उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के निवेश से न केवल राज्य को ऊर्जा की उपलब्धता में सुधार मिलेगा, बल्कि यह निवेश अन्य क्षेत्रों में भी पूंजी आकर्षित करने में मदद करेगा।

गौतम अदानी के इस दौरे से यह संकेत भी मिलता है कि अदानी समूह पूर्वी भारत में ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहा है। इससे पहले उन्होंने झारखंड और बिहार दोनों में बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा की है और समूह की विस्तार योजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया है।

बिहार में विकास का बड़ा कदम

बिहार के लिए यह परियोजना एक ऐतिहासिक निवेश माना जा रहा है। इससे राज्य की बिजली आपूर्ति, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है। आगामी वर्षों में इस परियोजना के पूरे होने से बिहार के ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ की उम्मीद बढ़ रही है।