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गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान बनेगा ‘नए बिहार’ की तस्वीर, विकास और महिला सशक्तिकरण की झांकियों से सजेगा पटना

 

गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस बार पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान सिर्फ परेड और झंडारोहण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह बिहार के विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत मंच बनने जा रहा है। 26 जनवरी को आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में राज्य सरकार के 12 प्रमुख विभाग अपनी आकर्षक और संदेशपूर्ण झांकियों के जरिए ‘नए बिहार’ की प्रगतिशील तस्वीर देश और दुनिया के सामने पेश करेंगे।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष की झांकियों में खास तौर पर महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया है। झांकियों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया जाएगा कि किस तरह बिहार ने पारंपरिक छवि से आगे बढ़ते हुए विकास और बदलाव की नई राह पकड़ी है।

इन झांकियों में महिला बस चालकों की भागीदारी एक खास आकर्षण होगी। यह झांकी दर्शाएगी कि किस तरह महिलाएं अब परिवहन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी आगे आकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसके जरिए समाज में लैंगिक समानता और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संदेश दिया जाएगा।

इसके अलावा, जीविका दीदियों की झांकी भी गांधी मैदान में लोगों का ध्यान खींचेगी। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों की कहानी के माध्यम से यह दिखाया जाएगा कि कैसे ग्रामीण महिलाएं छोटे-छोटे प्रयासों से आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार और समाज की दशा बदल रही हैं।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर आधारित झांकी में महिलाओं को दिए जा रहे रोजगार के अवसरों, कौशल विकास और स्वरोजगार को दर्शाया जाएगा। इस योजना के जरिए हजारों महिलाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम करने का मौका मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

वहीं, नशामुक्त बिहार अभियान पर आधारित झांकी सामाजिक परिवर्तन का सशक्त संदेश देगी। इसमें शराबबंदी के बाद समाज में आए बदलाव, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, पारिवारिक स्थिरता और स्वास्थ्य में सुधार को रेखांकित किया जाएगा। यह झांकी बताएगी कि किस तरह यह अभियान केवल कानून नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन बन चुका है।

राज्य सरकार के अन्य विभागों की झांकियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास और डिजिटल सेवाओं में हुए सुधारों को भी रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। आधुनिक तकनीक, लाइटिंग और जीवंत चित्रण के जरिए झांकियों को और अधिक प्रभावशाली बनाया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, झांकियों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और हर विभाग अपने संदेश को सरल लेकिन प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में जुटा हुआ है।

गणतंत्र दिवस के मौके पर गांधी मैदान में उमड़ने वाली हजारों की भीड़ के बीच ये झांकियां न केवल बिहार की उपलब्धियों को उजागर करेंगी, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास और सामाजिक बदलाव का सकारात्मक संदेश भी देंगी।

कुल मिलाकर, इस गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान ‘नए बिहार’ के सपनों, संघर्ष और सफलता का सजीव प्रदर्शन स्थल बनने जा रहा है, जहां विकास और महिला सशक्तिकरण की कहानियां हर दर्शक को प्रेरित करेंगी।