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16 साल के बेटे के अंगदान से तीन मरीजों को मिली नई जिंदगी, बिहार में पहली बार सरकारी खर्च पर हुआ लिवर ट्रांसप्लांट

 

बिहार में एक परिवार के बेहद दर्दनाक फैसले ने तीन गंभीर मरीजों को जिंदगी की नई उम्मीद दे दी। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद 16 साल के एक किशोर को बचाने के लिए उसके माता-पिता ने हर संभव कोशिश की। वे उसे लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकते रहे, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। जब डॉक्टरों ने किशोर को ब्रेन डेड घोषित कर दिया, तब दुख से टूट चुके माता-पिता ने ऐसा फैसला लिया, जिसने तीन लोगों की जिंदगी बदल दी। उन्होंने अपने बेटे के अंगदान की सहमति दे दी।

किशोर के अंगदान से तीन गंभीर मरीजों को नया जीवन मिला है। इसी अंगदान की बदौलत बिहार में पहली बार सरकारी खर्च पर लिवर ट्रांसप्लांट भी संभव हो सका। यह राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र और अंग प्रत्यारोपण की व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

माता-पिता ने दुख के बीच लिया साहसिक फैसला

16 साल के बेटे को खोने का दर्द किसी भी माता-पिता के लिए असहनीय होता है। इस परिवार ने भी बेटे को बचाने के लिए अस्पताल-दर-अस्पताल इलाज कराया। सिर में लगी गंभीर चोट के कारण उसकी हालत लगातार चिंताजनक बनी रही। आखिरकार डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

इस मुश्किल घड़ी में माता-पिता ने अंगदान का निर्णय लिया। उनका यह फैसला उन मरीजों के लिए उम्मीद बन गया, जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की जरूरत थी। बेटे को तो वे नहीं बचा सके, लेकिन उसके अंगों के जरिए दूसरे परिवारों को नई जिंदगी की खुशियां मिल सकीं।

आईजीआईएमएस और ईएसआईसी अस्पताल में हुए ट्रांसप्लांट

अंगदान के बाद गुरुवार को पटना के आईजीआईएमएस और ईएसआईसी अस्पताल में प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी की गई। किशोर के अंगों से एक मरीज का लिवर और दो मरीजों की किडनियों का ट्रांसप्लांट किया गया। इस तरह कुल तीन गंभीर मरीजों को अंगदान का लाभ मिला।

अस्पतालों में लिवर और दोनों किडनियों के प्रत्यारोपण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने की जानकारी दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया में डॉक्टरों और मेडिकल टीमों की अहम भूमिका रही।

बिहार में पहली बार सरकारी खर्च पर लिवर ट्रांसप्लांट

इस घटना की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि बिहार में पहली बार सरकारी खर्च पर लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। इससे उन मरीजों के लिए उम्मीद बढ़ी है, जो आर्थिक परेशानियों के कारण महंगे अंग प्रत्यारोपण का इलाज नहीं करा पाते।

लिवर ट्रांसप्लांट एक जटिल चिकित्सा प्रक्रिया है। इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और समन्वित मेडिकल टीम की जरूरत होती है। ऐसे में सरकारी खर्च पर यह प्रक्रिया पूरी होना राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अहम कदम माना जा रहा है।

अंगदान से बच सकती हैं कई जिंदगियां

इस परिवार के फैसले ने एक बार फिर अंगदान की अहमियत सामने रखी है। किसी व्यक्ति के ब्रेन डेड होने की स्थिति में निर्धारित चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसके अंग जरूरतमंद मरीजों के काम आ सकते हैं। एक अंगदाता कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है।

16 साल के किशोर के माता-पिता ने असहनीय दुख के बीच जो फैसला लिया, उससे तीन मरीजों को नया जीवन मिला। बेटे को खोने का उनका दर्द अपनी जगह है, लेकिन उनके इस साहसिक कदम ने कई परिवारों को राहत और उम्मीद दी है।