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समस्तीपुर में बाढ़ का असर जारी, 48 गांवों की 1.10 लाख आबादी प्रभावित

 

जिले में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले पांच दिनों से लगातार बढ़ रहा गंगा नदी का जलस्तर अब स्थिर होने लगा है। इससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की है। पटोरी के एसडीएम विकास पांडेय ने बताया कि बाढ़ का असर अभी भी कई इलाकों में बना हुआ है। जिले के मोहनपुर प्रखंड की छह पंचायतों और मोहिउद्दीननगर प्रखंड की 10 पंचायतों के करीब 48 गांवों की 1.10 लाख आबादी प्रभावित हुई है।

कई गांवों में बाढ़ का पानी फैला

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे बसे गांवों में पानी पहुंच गया है। कई जगहों पर लोगों को आवागमन और दैनिक जरूरतों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

जलस्तर स्थिर होने से मिली राहत

पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही थी, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई थी। अब नदी का पानी स्थिर होने से प्रशासन को राहत मिली है।हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर अभी भी नजर बनाए रखने की जरूरत है, क्योंकि जलस्तर में बदलाव कभी भी हो सकता है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमें सक्रिय हैं। प्रभावित गांवों में लोगों की समस्याओं का जायजा लिया जा रहा है और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।एसडीएम ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और नदी के आसपास जाने से बचें।

प्रभावित लोगों को मदद का इंतजार

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें राहत सामग्री, पशुओं के लिए चारा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।फिलहाल गंगा का जलस्तर स्थिर होने से समस्तीपुर में बाढ़ का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन प्रभावित इलाकों में सतर्कता अभी भी जारी है।