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बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 12 जिलों की 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित; कई नदियां उफान पर

 

बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते राज्य के कई इलाकों में पानी फैल गया है। बाढ़ का असर अब गांवों और निचले इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है।

राज्य के 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतों में करीब 22.42 लाख आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।

कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित

नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। प्रशासन ने राहत शिविर बनाए हैं, जहां लोगों के रहने, खाने और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य तेज

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं।

प्रशासन की ओर से नावों के जरिए लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। साथ ही प्रभावित परिवारों को भोजन, दवा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नदियों के जलस्तर पर नजर

जल संसाधन विभाग लगातार गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे कुछ इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। लोगों को नदियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है।

फिलहाल बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।