पटना के दियारा इलाके में बाढ़ का संकट गहराया, 41 राहत टीमें तैनात; गंडक से कई जिलों में तबाही
पटना जिले के दियारा इलाकों में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। पानी बढ़ने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा राहत बल की 41 टीमें तैनात की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर का असर बिहार के कई जिलों में दिखाई दे रहा है। चंपारण, वैशाली, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने के साथ ही लोगों के सामने आवागमन और जरूरी सामान की समस्या खड़ी हो गई है।
पटना के दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। दियारा इलाकों में बड़ी संख्या में लोग नदी के आसपास और निचले क्षेत्रों में रहते हैं। ऐसे में जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। राहत टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
गंडक नदी के प्रभाव वाले जिलों में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका है। वहीं, ग्रामीण रास्तों पर पानी आने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारियां की जा रही हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्क रहने और बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की जा रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव दल लगातार संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रहे हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का फोकस फिलहाल प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने और जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाने पर है। गंडक नदी से प्रभावित जिलों में स्थिति पर लगातार निगरानी जारी है।