मधेपुरा के बिहारीगंज में हल्दी की खेती से किसान कमा रहे तीन गुना मुनाफा
मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड में हल्दी की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है। किसान अब पारंपरिक फसलों को छोड़कर औषधीय गुणों वाली हल्दी की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में हल्दी की खेती हो रही है। किसानों का कहना है कि इस फसल से उन्हें लागत का तीन गुना मुनाफा प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी आय में काफी सुधार हुआ है।
बड़े शहरों के व्यापारी भी यहां की हल्दी खरीदने पहुंच रहे हैं, जिससे किसानों को सहूलियत और बेहतर दाम मिल रहे हैं। किसानों ने बताया कि हल्दी की खेती में निवेश कम है और लाभ अधिक मिलने के कारण अब यह प्रखंड में सबसे लोकप्रिय फसल बन गई है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि औषधीय गुणों वाली हल्दी की मांग देश और विदेश में लगातार बढ़ रही है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधर रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर कृषि उद्योग और व्यापार को भी मजबूती मिल रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली हल्दी की बुवाई और खेती के लिए प्रशिक्षण देने की पहल की है। इसके चलते आने वाले वर्षों में बिहारीगंज प्रखंड हल्दी उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
किसानों के अनुसार, हल्दी की बढ़ती मांग और अच्छे दाम ने उनके चेहरे पर खुशी ला दी है, और अब वे कृषि में निवेश को बढ़ाने और उत्पादन को बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।