ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में बिजली वितरण कंपनियों के संचालन और रखरखाव पर चर्चा
बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में संचालन और रखरखाव की समीक्षा के लिए गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह (भा.प्र.से.) ने की।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) और नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के संचालन और रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों वितरण कंपनियों की कार्यकुशलता बढ़ाना और बिजली आपूर्ति में सुधार लाना था।
बैठक में अधिकारियों ने बिजली वितरण नेटवर्क, उपभोक्ता शिकायत निवारण, नई तकनीकों के इस्तेमाल और रखरखाव गतिविधियों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। मनोज कुमार सिंह ने कहा कि बिजली वितरण कंपनियों को नवीनतम तकनीकी मानकों के अनुसार संचालन और रखरखाव सुनिश्चित करना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को लगातार और निर्बाध बिजली मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली कटौती और लोड शेडिंग को कम करने के लिए योजना बनायी जाए और वितरण नेटवर्क में आने वाली खामियों को समय रहते ठीक किया जाए। इसके अलावा उपभोक्ता शिकायत निवारण और फीडर मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सुधार, वितरण लाइनों की मरम्मत और ट्रांसफॉर्मर की देखभाल जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि साउथ और नार्थ बिहार में बिजली वितरण नेटवर्क की क्षमता और रखरखाव में समय-समय पर सुधार किए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियाँ हैं जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
मनोज कुमार सिंह ने बैठक में कहा कि बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं की संतुष्टि और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सतत निरीक्षण और रखरखाव प्रक्रियाओं को कड़ा किया जाए ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या नेटवर्क संबंधित समस्याओं से बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने वितरण कंपनियों के सालाना प्रदर्शन, तकनीकी नुकसान, और नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि दोनों कंपनियाँ राज्य में बिजली वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों का पालन करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की समीक्षा बैठकें राज्य में बिजली आपूर्ति और वितरण की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह सुनिश्चित करती हैं कि उपभोक्ताओं को स्थायी और विश्वसनीय बिजली मिले और वितरण नेटवर्क की मजबूती बढ़े।