दानापुर स्टेशन से महज 200 मीटर दूर DRM ऑफिस, फिर भी यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं का इंतजार
पटना के दानापुर और पाटलिपुत्र जंक्शन पूर्व मध्य रेल के प्रमुख स्टेशनों में शामिल हैं, लेकिन यात्रियों को यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। दानापुर रेलवे स्टेशन से महज 200 मीटर की दूरी पर मंडल रेल प्रबंधक यानी DRM का कार्यालय स्थित है, इसके बावजूद स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
दानापुर स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। यहां से विभिन्न शहरों के लिए ट्रेनों का संचालन होता है और स्टेशन पर यात्रियों की लगातार आवाजाही रहती है। इसके बावजूद यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर साफ-सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किए जाने की जरूरत है। यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करने के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर गर्मी के मौसम में पेयजल जैसी सुविधा की कमी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है।
वहीं, पाटलिपुत्र जंक्शन पर भी यात्रियों को पेयजल व्यवस्था को लेकर परेशानी हो रही है। स्टेशन परिसर में लगाए गए कई पानी के नल टूटे हुए हैं। ऐसे में यात्रियों को पीने के पानी के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं। स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही के बावजूद पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से नाराजगी है।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे के प्रमुख स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाएं बेहतर होनी चाहिए। स्टेशन पर साफ और पर्याप्त पेयजल, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं यात्रियों की प्राथमिक जरूरत हैं।
दानापुर में DRM कार्यालय स्टेशन से करीब 200 मीटर की दूरी पर होने के कारण यात्री सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल और भी गंभीर हो जाते हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे अधिकारियों को स्टेशन का नियमित निरीक्षण कर समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए।
पाटलिपुत्र जंक्शन पर टूटे नलों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को सुचारु करने की जरूरत है। वहीं दानापुर स्टेशन पर भी यात्रियों की शिकायतों के आधार पर सुविधाओं में सुधार किया जाना जरूरी है।
दोनों प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की स्थिति बेहतर होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इन समस्याओं को कितनी जल्दी दूर करता है और यात्रियों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।