डॉ. नुसरत परवीन ने जॉइन की ड्यूटी, हिजाब विवाद के बाद चर्चा में आईं थी; कहां मिली पोस्टिंग?
हिजाब वाली घटना के बाद चर्चा में आईं आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन ने ड्यूटी जॉइन कर ली है। खबरों के मुताबिक, नुसरत परवीन को आज यानी 7 जनवरी को पटना सदर अस्पताल में जॉइन करना था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 दिसंबर को एक कार्यक्रम में उन्हें अपॉइंटमेंट लेटर दिया था। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत परवीन के चेहरे से हिजाब हटवा दिया था। यह वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हंगामा मच गया।
इस बीच, खबरें सामने आईं कि डॉ. नुसरत परवीन बिहार सरकार की नौकरी जॉइन नहीं करेंगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनकी जॉइनिंग डेट दो बार टाली जा चुकी थी। आज यानी 7 जनवरी को जॉइनिंग की आखिरी तारीख थी। अगर वह आज जॉइन नहीं करतीं तो उनकी अपॉइंटमेंट कैंसिल हो जाती। हालांकि, डॉ. नुसरत परवीन दोपहर में पटना सदर अस्पताल पहुंचीं, जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा किए और ड्यूटी जॉइन कर लीं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपॉइंटमेंट लेटर दिया।
पिछले साल 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास पर एक कार्यक्रम में अपॉइंटमेंट लेटर दिया था। समारोह के दौरान उन्होंने डॉ. नुसरत परवीन के चेहरे से हिजाब खींच दिया। इस पर राजनीतिक हंगामा हुआ, इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया तो NDA ने उनका बचाव किया। एक पाकिस्तानी गुंडे ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धमकी भी दी, जिसके चलते बिहार पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा के खास इंतजाम किए।
झारखंड सरकार ने नौकरी का ऑफर दिया
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी हिजाब विवाद को लेकर अहम बयान दिया। डॉ. इरफान अंसारी ने नुसरत परवीन को झारखंड में नौकरी देने का वादा किया। उन्होंने उन्हें झारखंड में नौकरी, 3 लाख रुपये महीने की सैलरी, उनकी पसंद का पद और झारखंड में सेवा करने पर सरकारी घर देने का भी वादा किया।
हिजाब वाली घटना से नुसरत परवीन परेशान थीं।
जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच पर डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब हटाया तो उन्होंने अपना अपॉइंटमेंट लेटर ले लिया, लेकिन खबरें आईं कि वह नौकरी जॉइन नहीं करेंगी। डॉ. नुसरत परवीन के परिवार ने दावा किया कि इस पूरी घटना से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई हैं और वह जॉइन नहीं करेंगी। फिर खबरें आईं कि नुसरत अपने भाई के पास रहने के लिए कोलकाता चली गई हैं।
7 जनवरी जॉइन करने की आखिरी तारीख थी।
नुसरत परवीन ने अपना अपॉइंटमेंट लेटर ले लिया था, लेकिन उन्होंने 20 दिनों तक जॉइन नहीं किया था। कुछ दिन पहले, एक क्लासमेट ने दावा किया था कि वह जल्द ही सदर हॉस्पिटल जॉइन कर लेंगी। इस बीच, उनके बैच के 63 दूसरे आयुष डॉक्टरों ने अपॉइंटमेंट लेटर मिलने के बाद अपनी-अपनी पोस्टिंग पर जॉइन कर लिया था। नुसरत परवीन की जॉइन करने की आखिरी तारीख 20 दिसंबर थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया। यह तारीख फिर बदली गई और आखिर में जॉइन करने की तारीख 7 जनवरी तय की गई।