ग्राम सभा को लेकर पंचायत में विवाद, उपमुखिया और वार्ड सदस्यों ने जताया विरोध; सूचना नहीं देने का लगाया आरोप
जिले के सौर बाजार प्रखंड की सहुरिया पश्चिमी पंचायत में ग्राम सभा के आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत के उपमुखिया और कई वार्ड सदस्यों ने ग्राम सभा की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि मुखिया और पंचायत सचिव ने ग्राम सभा की पूर्व सूचना नहीं दी, जिसके कारण अधिकांश जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बैठक में शामिल नहीं हो सके। उनका कहना है कि इस वजह से ग्राम सभा केवल औपचारिकता बनकर रह गई।
सूचना नहीं मिलने से नाराज जनप्रतिनिधि
उपमुखिया और वार्ड सदस्यों का कहना है कि ग्राम सभा लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन बैठक की जानकारी समय पर नहीं दिए जाने से वे इसमें शामिल नहीं हो सके। उनका आरोप है कि यदि सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को पहले से सूचना दी जाती, तो अधिक संख्या में लोग बैठक में पहुंचते और विकास योजनाओं पर व्यापक चर्चा होती।
ग्राम सभा की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
विरोध कर रहे जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ग्राम सभा का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं पर खुली चर्चा करना होता है। लेकिन बिना सूचना के बैठक आयोजित करने से ग्रामीणों की भागीदारी प्रभावित हुई और ग्राम सभा का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका।
पारदर्शिता की मांग
उपमुखिया और वार्ड सदस्यों ने पंचायत प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ग्राम सभा की तिथि और समय की जानकारी सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को समय रहते दी जाए। उनका कहना है कि पंचायत की बैठकों में पारदर्शिता और सभी की भागीदारी सुनिश्चित होना जरूरी है, तभी विकास कार्यों पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।
पंचायत प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
विरोध करने वाले जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की सूचना सार्वजनिक नहीं की गई और न ही निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों में सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहभागिता आवश्यक है, लेकिन इस मामले में उन्हें नजरअंदाज किया गया।
जांच और कार्रवाई की मांग
उपमुखिया और वार्ड सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और यदि अनियमितता पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम सभा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में पंचायत प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित अधिकारी शिकायत की जांच कर क्या कदम उठाते हैं और भविष्य में ग्राम सभाओं के आयोजन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।