बिहार विधान परिषद में अशोक चौधरी और आरजेडी सदस्य सुनील सिंह के बीच लगातार दूसरे दिन तीखी नोकझों
बिहार विधान परिषद में मंत्री अशोक चौधरी और सुनील सिंह के बीच टकराव का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को शुरू हुई तीखी बहस बुधवार को भी जारी रही, जिससे सदन का माहौल एक बार फिर गरमा गया। लगातार दूसरे दिन हुए इस घटनाक्रम ने साफ संकेत दिया है कि यह विवाद केवल एक दिन की तल्खी नहीं, बल्कि गहराते राजनीतिक तनाव का परिणाम है।
बुधवार को सदन की कार्यवाही के दौरान जैसे ही पूरक सवालों का दौर शुरू हुआ, माहौल अचानक गर्म हो गया। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सदस्य सुनील सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ा प्रतिवाद किया। देखते ही देखते दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
सदन में मौजूद सदस्यों के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाए। बहस इतनी तेज हो गई कि सभापति को हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराने की कोशिश करनी पड़ी। हालांकि, कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित भी हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी समीकरणों और विभिन्न मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते मतभेदों का असर अब सदन की कार्यवाही में भी साफ दिखाई देने लगा है। पूरक प्रश्नों के दौरान उठाए गए मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी प्रतिक्रिया ने इस टकराव को और गहरा कर दिया। विधान परिषद के बाहर भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी जारी रही। विपक्ष ने सरकार पर सवालों से बचने का आरोप लगाया, वहीं सत्तापक्ष ने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए सदन का माहौल खराब कर रहा है।
लगातार दो दिनों तक चली इस बहस ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही और भी हंगामेदार रह सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित नहीं हुआ, तो यह टकराव आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल सभापति ने सभी सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की है, ताकि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित हो सके।