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धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्रा के लिए 10 लाख रुपये के डॉलर देने का आरोप, ED ने 6 घंटे की पूछताछ

 

बिहार के कथित टेंडर घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ की है। जांच एजेंसी ठेकेदार रिशु श्री के साथ उनके कथित संबंधों, वित्तीय लेन-देन और विदेश यात्रा से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिशु श्री ने धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्रा के लिए करीब 10 लाख रुपये मूल्य के डॉलर उपलब्ध कराए थे। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर दिए गए इस लाभ का स्रोत क्या था और इसके पीछे कोई विशेष उद्देश्य था या नहीं।

छह घंटे तक हुई पूछताछ

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार बुधवार को पटना स्थित ED कार्यालय पहुंचे थे। उनसे सुबह करीब 11 बजे से शाम 5 बजे तक पूछताछ की गई। इस दौरान रिशु श्री के साथ उनके संपर्क, विदेश यात्रा के खर्च और संबंधित अवधि में उनके द्वारा स्वीकृत टेंडरों की प्रक्रिया के बारे में सवाल पूछे गए।धर्मेंद्र कुमार 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष हैं। इससे पहले वह बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं। जांच एजेंसी उनकी पिछली तैनाती के दौरान हुए फैसलों और टेंडर आवंटन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है।

मोबाइल चैट और वित्तीय लेन-देन की जांच

इस मामले में जांच एजेंसियों को रिशु श्री के मोबाइल फोन से कथित व्हाट्सऐप चैट, वित्तीय लेन-देन की जानकारियां और सरकारी टेंडर से जुड़े दस्तावेज मिले थे। जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि क्या इन संपर्कों के जरिए सरकारी ठेकों की गोपनीय जानकारी हासिल की गई या टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हुई।ED यह भी जांच रही है कि अधिकारियों और ठेकेदार के बीच कथित वित्तीय लाभ तथा सरकारी कामों के आवंटन के बीच कोई संबंध था या नहीं। एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और बयानों का मिलान कर रही है।

कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ

टेंडर घोटाले की जांच का दायरा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव समेत कई अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है। एजेंसी कथित विदेश यात्राओं, वित्तीय लेन-देन और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल, धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ और विदेश यात्रा के लिए डॉलर उपलब्ध कराने से जुड़ा मामला जांच के दायरे में है। किसी अधिकारी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। ED की पूछताछ अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है।