केरलम’ के बाद दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ करने की मांग तेज
राज्यों के नाम बदलने की बहस के बीच अब राजधानी दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। हाल ही में केरल का नाम ‘केरलम’ किए जाने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
दिल्ली से भाजपा सांसद Praveen Khandelwal ने केंद्र सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि ‘इंद्रप्रस्थ’ नाम दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती देगा।
🏛️ ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला
सांसद ने कहा कि ‘इंद्रप्रस्थ’ का उल्लेख महाभारत काल में मिलता है और इसे पांडवों की राजधानी माना जाता है। उनका तर्क है कि दिल्ली का प्राचीन नाम पुनः स्थापित करने से शहर की विरासत और गौरव को नई पहचान मिलेगी।
🗳️ राजनीतिक हलकों में चर्चा
इस मांग के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक पुनर्स्थापना की दिशा में कदम मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे अनावश्यक मुद्दा बता रहे हैं।
हालांकि अभी तक केंद्र सरकार या दिल्ली सरकार की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
📌 आगे क्या?
किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का नाम बदलने के लिए विधायी प्रक्रिया और केंद्र की मंजूरी आवश्यक होती है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मांग औपचारिक प्रस्ताव का रूप लेती है या राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहती है।