×

‘बेटी की खुशी देखी नहीं गई, जिंदा रहते चिता जलाई’: पूर्णिया में लव मैरिज करने वाली रिया की कहानी

 

बिहार के पूर्णिया में लव मैरिज करने वाली रिया की कहानी इन दिनों चर्चा में है। रिया ने अपनी पसंद से शादी की, लेकिन आरोप है कि उसके परिवार को बेटी का यह फैसला मंजूर नहीं था। शादी के बाद उसे परिवार की नाराजगी और विरोध का सामना करना पड़ा। रिया का कहना है कि उसकी खुशी परिवार से देखी नहीं गई और जिंदा रहते ही उसकी चिता जला दी गई।

रिया के मुताबिक, उसने अपनी पसंद से शादी करने का फैसला लिया था। उसका कहना है कि शादी के बाद उसका पति और ससुराल ही अब उसकी दुनिया है। परिवार की ओर से रिश्ते को स्वीकार नहीं किए जाने के बावजूद रिया ने अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया।

रिया ने बताया कि प्रेम विवाह के फैसले के बाद परिवार के साथ उसके रिश्ते बदल गए। जिस घर में उसने बचपन बिताया, वहीं से उसे अपने फैसले के कारण विरोध का सामना करना पड़ा। रिया के अनुसार, उसे उम्मीद थी कि समय के साथ परिवार उसकी शादी को स्वीकार कर लेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

परिवार की नाराजगी का जिक्र करते हुए रिया ने भावुक होकर कहा कि उसकी खुशी देखी नहीं गई। उसने आरोप लगाया कि उसके लव मैरिज करने के बाद परिवार ने उससे दूरी बना ली और उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे उसे बेहद दुख पहुंचा।

रिया का कहना है कि उसने अपनी जिंदगी का फैसला सोच-समझकर लिया है। अब वह अपने पति के साथ रहना चाहती है और ससुराल को ही अपनी दुनिया मानती है। उसने कहा कि शादी के बाद जीवन में कई मुश्किलें आईं, लेकिन वह अपने फैसले पर कायम है।

इस मामले ने एक बार फिर पसंद से शादी करने वाले युवाओं और परिवार के बीच पैदा होने वाले विवाद को सामने ला दिया है। ऐसे मामलों में परिवार और युवक-युवती के बीच संवाद की कमी कई बार रिश्तों में दूरी बढ़ा देती है। हालांकि, रिया के मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष महत्वपूर्ण है।

रिया की कहानी केवल प्रेम विवाह की कहानी नहीं है, बल्कि परिवार की स्वीकृति, सामाजिक दबाव और अपनी पसंद से जिंदगी जीने के अधिकार से जुड़े सवाल भी उठाती है। फिलहाल रिया अपने पति के साथ जीवन आगे बढ़ाने की बात कह रही है और परिवार से मिले विरोध के बावजूद अपने फैसले पर कायम है।