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दरभंगा के BDO पर आय से अधिक संपत्ति का केस, EOU की छापेमारी में खंगाले गए 5 ठिकाने

 

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद EOU की टीम ने उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने BDO के दानापुर, दरभंगा, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर स्थित पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी की ओर से संपत्ति, दस्तावेज, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले गए। अधिकारियों का उद्देश्य उनकी आय और अर्जित संपत्ति के बीच अंतर का पता लगाना है।

EOU के अनुसार, आनंद कुमार विभूति वर्ष 2014 में सरकारी सेवा में आए थे और उन्हें नौकरी करते हुए करीब 12 साल हुए हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस अवधि में उनकी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई है। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

खपरैल मकान से आलीशान संपत्ति तक का सफर

जांच एजेंसी के सामने आए शुरुआती तथ्यों के मुताबिक, नौकरी में आने से पहले आनंद कुमार विभूति का पैतृक घर साधारण खपरैल का था। आरोप है कि BDO बनने के बाद उनकी संपत्ति में तेजी से इजाफा हुआ। उन्होंने दानापुर और अपने पैतृक गांव में करोड़ों रुपये की संपत्तियां बनाई हैं।

EOU की जांच में अब इन संपत्तियों के स्रोत और निर्माण में खर्च हुई राशि का पता लगाया जा रहा है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इन संपत्तियों की खरीद उनकी वैध आय के अनुरूप है या नहीं।

एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का आरोप

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि BDO ने दानापुर और पैतृक गांव में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत के मकान और फ्लैट बनाए हैं। इसके अलावा अन्य चल-अचल संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि होती है तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

EOU की कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप

बिहार में आर्थिक अपराध इकाई लगातार भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति की जांच कर अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति का पता लगाया जा रहा है।

आनंद कुमार विभूति के मामले में भी EOU अब सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। बैंक खाते, जमीन-जायदाद के कागजात, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।

फिलहाल मामले में जांच जारी है। EOU की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ कितनी संपत्ति का मामला बनता है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में तैनात अधिकारियों की संपत्ति और आय की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।