बिहार के युवक के साथ UPSC फर्जी रिजल्ट और सिलेक्शन लेटर के जाल में साइबर ठगी, IAS की ट्रेनिंग के लिए बिहार से मसूरी पहुंचा युवक, फिर खुला मामला
बिहार के एक युवक के साथ साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। युवक को फर्जी यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) रिजल्ट और फेक सिलेक्शन लेटर दिखाकर ठगी की गई। इसके झांसे में आकर युवक अपने माता-पिता के साथ उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) पहुंच गया। वहां पहुंचने पर उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
जानकारी के अनुसार, युवक को सोशल मीडिया और फर्जी ईमेल के माध्यम से यह विश्वास दिलाया गया कि उसने UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है और उसे IAS प्रशिक्षण के लिए LBSNAA मसूरी बुलाया गया है। इसके लिए अपराधियों ने नकली सिलेक्शन लेटर और फर्जी रिजल्ट तैयार किया, जिसे युवक ने बिना जांच के मान लिया।
युवक के माता-पिता के साथ अकादमी पहुंचने पर स्थानीय अधिकारियों को युवक और उसके परिवार की असामान्य स्थिति संदिग्ध लगी। अधिकारियों ने युवक से दस्तावेजों और सिलेक्शन लेटर की पुष्टि की, तब जाकर मामला फर्जी ठगी के रूप में उजागर हुआ। युवक और उसके माता-पिता को इस झांसे के पीछे साइबर ठगों द्वारा भेजे गए फर्जी ईमेल और संदेशों के बारे में बताया गया।
स्थानीय पुलिस और साइबर अपराध विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में आमतौर पर युवाओं और अभिभावकों का भरोसा, उनकी महत्वाकांक्षा और सरकारी नौकरी की लालसा का फायदा उठाया जाता है। ठग फर्जी दस्तावेज और डिजिटल संदेशों के माध्यम से लोगों को फंसाते हैं और बड़ी रकम हड़पने की कोशिश करते हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी कि किसी भी सरकारी परीक्षा या प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट और भरोसेमंद स्रोतों से ही जानी जाए। फर्जी कॉल, ईमेल या सोशल मीडिया मैसेज पर विश्वास करना भारी ठगी का कारण बन सकता है।
युवक और उसके परिवार ने अब स्थानीय पुलिस और साइबर विभाग को पूरी जानकारी दी है। पुलिस मामले के आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी UPSC रिजल्ट और सिलेक्शन लेटर बनाने वाले अपराधी कहां सक्रिय थे और कितने लोगों को इस जाल में फंसा चुके हैं।
यह घटना बिहार और पूरे देश में युवाओं के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं और विशेषज्ञ लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के अधिकारियों ने कहा कि वे इस प्रकार के मामलों को गंभीरता से लेते हैं और भविष्य में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दस्तावेजों की जांच और पुष्टि को और कड़ा करेंगे।