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सम्राट चौधरी के दफ्तर पर महिलाओं का हुजूम, 3 डिसमिल जमीन के लिए रोज पहुंच रही भीड़; अफसरों ने दी ये हिदायत

 

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पटना स्थित सीएम सचिवालय के बाहर पिछले करीब एक सप्ताह से महिलाओं की बड़ी भीड़ जुट रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों से भूमिहीन परिवारों की महिलाएं घर बनाने के लिए सरकार से मिलने वाली जमीन के लिए आवेदन देने पटना पहुंच रही हैं। शुक्रवार को भी सीएम सचिवालय के बाहर सैकड़ों महिलाओं की कतार देखने को मिली। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इन महिलाओं को आवेदन जमा करने के लिए पटना आने की जरूरत ही नहीं है।

अधिकारियों के मुताबिक, सरकार के अभियान बसेरा के तहत पात्र भूमिहीन परिवारों को घर बनाने के लिए 3 डिसमिल वासभूमि उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में ही जमा किया जाना है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के लिए राज्य मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं है।

अफवाह के बाद पटना पहुंच रही महिलाएं

पटना पहुंची कई महिलाओं का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि सरकार घर बनाने के लिए जमीन दे रही है और इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसी जानकारी के आधार पर बड़ी संख्या में महिलाएं सीएम सचिवालय पहुंचने लगीं।

प्रशासन की ओर से महिलाओं को समझाया जा रहा है कि वासभूमि के लिए आवेदन उनके स्थानीय अंचल कार्यालय में ही स्वीकार किया जाएगा। इसके बावजूद पिछले 7-8 दिनों से लगातार भीड़ जुट रही है। शुक्रवार शाम तक करीब 8 हजार महिलाओं को आवेदन जमा करने के बाद पावती रसीद दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन आवेदनों को संबंधित अंचल अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।

अधिकारियों ने सीओ को दिए निर्देश

लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी अंचल अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पात्र लाभार्थियों के आवेदन अनिवार्य रूप से लिए जाएं और आवेदन की प्राप्ति रसीद भी दी जाए।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी आवेदक को स्थानीय अंचल कार्यालय में आवेदन नहीं लेने के कारण पटना आना पड़ा तो संबंधित अंचलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का कहना है कि पात्र भूमिहीन परिवारों को जमीन के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

92 हजार परिवारों को मिल चुकी है वासभूमि

राजस्व विभाग के अनुसार अभियान बसेरा के तहत अब तक करीब 92 हजार परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं, 15 अगस्त को राज्यभर में 30 हजार परिवारों को वासभूमि का पर्चा दिए जाने की जानकारी दी गई थी।

अधिकारियों ने यह भी कहा है कि पटना में अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना सामान्य प्रक्रिया नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों ने किसी राजनीतिक दल, गैर सरकारी संगठन या अन्य समूह द्वारा लोगों को पटना आने के लिए प्रेरित किए जाने की आशंका जताई है और ऐसे समूहों की पहचान किए जाने की बात कही है।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?

वासभूमि के लिए आवेदन करने वाले परिवारों को लिखित आवेदन के साथ परिवार के सदस्यों का विवरण और मोबाइल नंबर देना होगा। आवेदक, पति-पत्नी और वयस्क पारिवारिक सदस्यों के आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, वोटर आईडी और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज मांगे गए हैं।

इसके अलावा परिवार का सामूहिक फोटो और परिवार के पास कोई जमीन नहीं होने का शपथ पत्र भी देना होगा। यदि परिवार सरकारी जमीन पर रह रहा है तो मौजा, खाता-खेसरा और निवास से संबंधित प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अफवाह में आकर पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय न पहुंचें। 3 डिसमिल जमीन के लिए आवेदन अपने नजदीकी अंचल कार्यालय में ही जमा करें।