“खाना बनाकर रखो, मायके घुमाने ले चलूंगा…” वादा अधूरा रह गया, पूर्णिया में 31 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत से मचा कोहराम
“तुम खाना बनाकर तैयार रखो, मैं बस अभी आता हूँ… फिर तुम्हें तुम्हारे मायके घुमाने ले चलूंगा।” रविवार की सुबह अपनी पत्नी से यह वादा कर घर से निकले 31 वर्षीय युवक फिर कभी जिंदा लौटकर नहीं आ सके। कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत की खबर आई, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। यह दर्दनाक घटना बिहार के पूर्णिया जिले के अमौर थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मृतक की पहचान अमौर थाना क्षेत्र के सेहलो गांव निवासी मो. सक्कुर के पुत्र मो. रब्बान (31 वर्ष) के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, रविवार की सुबह मो. रब्बान बिल्कुल सामान्य स्थिति में घर से निकले थे। उन्होंने अपनी पत्नी से जल्द लौटने और मायके ले जाने की बात कही थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।
कुछ ही समय बाद गांव में यह खबर फैल गई कि मो. रब्बान की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं माता-पिता और अन्य परिजन सदमे में हैं। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही अमौर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
परिजनों ने मौत को लेकर संदेह जताया है। उनका कहना है कि मो. रब्बान की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और वे पूरी तरह स्वस्थ थे। ऐसे में अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन यह भी मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मो. रब्बान मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाते थे। उनकी असमय मौत से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा गांव स्तब्ध है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि युवक कहां गए थे और किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे एक सामान्य सुबह देखते ही देखते एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाती है। पत्नी से किया गया एक साधारण सा वादा आज उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा अधूरा सपना बन गया है। अब पूरे गांव और परिवार की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं, ताकि मो. रब्बान की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।