बिहार MLC चुनाव में कांग्रेस-RJD आमने-सामने, 3 सीटों पर सीधा मुकाबला; सीट बंटवारे पर बढ़ी खींचतान
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन में सीटों के तालमेल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। कांग्रेस ने पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इनमें तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल यानी RJD के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।
इन तीन सीटों पर कांग्रेस और RJD का मुकाबला
कांग्रेस ने कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक सीट से असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है। इन तीनों सीटों पर RJD पहले ही अपने प्रत्याशी घोषित कर चुका है।
RJD की ओर से कोसी स्नातक सीट पर नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक सीट पर अनिल कुमार झा और पटना स्नातक सीट पर दिलीप कुमार मैदान में हैं। इस तरह तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों सहयोगी दलों के बीच सीधा मुकाबला बन गया है।
दो शिक्षक सीटों पर RJD ने नहीं उतारा उम्मीदवार
कांग्रेस ने पांच सीटों की सूची में दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल किए हैं। दरभंगा शिक्षक सीट से पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा MLC मदन मोहन झा को फिर उम्मीदवार बनाया है। वहीं पटना शिक्षक सीट से संजय यादव को टिकट दिया गया है।
इन दोनों सीटों पर RJD ने फिलहाल उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। ऐसे में यहां कांग्रेस और RJD के बीच सीधा मुकाबला नहीं है।
RJD के पहले उम्मीदवार घोषित करने से बढ़ी थी नाराजगी
RJD ने पिछले महीने विधान परिषद की छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए थे। इसके बाद कांग्रेस की ओर से सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर नाराजगी सामने आई थी। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि उम्मीदवारों के ऐलान से पहले दोनों दलों के बीच पर्याप्त बातचीत नहीं हुई।
अब कांग्रेस की ओर से पांच सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बाद दोनों दलों के बीच चुनावी तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे पूरे महागठबंधन के औपचारिक रूप से टूटने की घोषणा नहीं माना जा सकता। फिलहाल मामला विधान परिषद की इन सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतारने तक सीमित है।
23 अक्टूबर को होगा मतदान
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित है। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्र के ऐसे मतदाता मतदान करते हैं, जिनके पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की कम से कम तीन वर्ष पुरानी स्नातक डिग्री हो। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए निर्धारित शैक्षणिक संस्थानों में कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव जरूरी है। दोनों श्रेणियों में मतदाता का संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है।