बिहार में शिक्षा सुधार के दावों की खुली पोल, 1 जुलाई की डेडलाइन बीतने के बाद भी नए कॉलेज और मॉडल स्कूलों में नहीं शुरू हुई पढ़ाई
बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के सरकारी दावों पर सवाल उठने लगे हैं। सरकार ने घोषणा की थी कि 1 जुलाई से नए डिग्री कॉलेजों और मॉडल स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी, लेकिन तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी अधिकांश संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं हो सकी हैं। कई जगहों पर अब भी सन्नाटा पसरा है और बुनियादी व्यवस्थाएं अधूरी हैं।
1 जुलाई की डेडलाइन हुई फेल
सरकार ने पहले घोषणा की थी कि राज्य के नए डिग्री कॉलेजों और मॉडल स्कूलों में 1 जुलाई से नियमित पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, डेडलाइन खत्म होने के बाद भी कई संस्थानों में न तो कक्षाएं शुरू हुई हैं और न ही छात्रों की आवाजाही दिखाई दे रही है।
कई जगह बुनियादी सुविधाओं का अभाव
जानकारी के अनुसार, कई नए संस्थानों में भवन, फर्नीचर, शिक्षकों की नियुक्ति और अन्य आवश्यक संसाधनों का काम अभी अधूरा है। ऐसे में पढ़ाई शुरू करना संभव नहीं हो पाया है।
छात्रों और अभिभावकों में निराशा
सरकार की घोषणा के बाद छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि नए सत्र से पढ़ाई शुरू हो जाएगी, लेकिन समय पर व्यवस्था नहीं होने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार के दावों पर उठे सवाल
तय समयसीमा के बावजूद शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं होने से शिक्षा विभाग की तैयारियों और सरकारी दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इन संस्थानों में नियमित पढ़ाई कब शुरू होगी।