×

बेगूसराय अस्पताल में घायल युवक के पैर पर प्लास्टर की जगह बांधा गत्ता, वीडियो वायरल होने पर उठे सवाल; प्रभारी ने बताया सही प्रक्रिया

 

बेगूसराय जिले के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक के फ्रैक्चर पैर पर प्लास्टर की जगह कार्टून के गत्ते का टुकड़ा बांध दिया गया। अस्पताल के बेड पर गत्ते से बंधे पैर के साथ दर्द से कराहते मरीज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल युवक को इलाज के लिए मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया था। जांच के दौरान उसके पैर में फ्रैक्चर की बात सामने आई। इसके बाद पैर को स्थिर रखने के लिए अस्पताल कर्मियों ने प्लास्टर की जगह कूट के गत्ते का सहारा लिया। मरीज के पैर में गत्ते को बांधकर अस्थायी व्यवस्था की गई।

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि फ्रैक्चर जैसे गंभीर मामले में मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए थी, लेकिन अस्पताल में सामान्य प्लास्टर की जगह गत्ते का इस्तेमाल किया गया।

वहीं, इस मामले में जब अस्पताल प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने इस प्रक्रिया को मेडिकल साइंस के हिसाब से सही बताया। उन्होंने कहा कि कई बार फ्रैक्चर के शुरुआती उपचार में पैर को स्थिर रखने के लिए अस्थायी स्प्लिंट का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद मरीज को आगे के इलाज के लिए रेफर या विशेषज्ञ चिकित्सक से दिखाया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटना के बाद फ्रैक्चर वाले हिस्से को हिलने से रोकना प्राथमिक उपचार का हिस्सा होता है। इसके लिए लकड़ी, प्लास्टिक या अन्य उपलब्ध सामग्री से अस्थायी सहारा दिया जा सकता है। हालांकि, मरीज को आगे की जांच और उचित उपचार मिलना भी जरूरी होता है।

मामला सामने आने के बाद अस्पताल की सुविधाओं और संसाधनों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और जरूरी उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की जांच करता है या नहीं और अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।