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बिहार में बुलेट ट्रेन, करीब 5 घंटे में दिल्ली: पटना समेत 5 शहरों में बन सकते हैं स्टेशन, 350 KM/H की रफ्तार वाला होगा ट्रैक

 

बिहार में बुलेट ट्रेन का इंतजार अब आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रस्तावित परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से पटना का सफर करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। वहीं, बिहार में बक्सर से किशनगंज तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना है।

बिहार में इन शहरों से गुजर सकता है रूट

प्रस्तावित रूट के अनुसार हाई स्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बिहार में प्रवेश करेगा। इसके बाद बक्सर, आरा और पटना होते हुए आगे बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज की दिशा में जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, इन शहरों में से किन जगहों पर स्टेशन बनाए जाएंगे, इसकी अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक बिहार में बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया और कटिहार में स्टेशन बनाए जाने की संभावना है। अंतिम स्टेशन और अलाइनमेंट DPR, सर्वे और सरकारी मंजूरी के बाद स्पष्ट होगा।

पटना से दिल्ली करीब 4 घंटे 41 मिनट

प्रस्तावित हाई स्पीड रेल नेटवर्क शुरू होने के बाद दिल्ली से पटना की यात्रा का समय काफी कम होने का अनुमान है। मौजूदा अनुमान के अनुसार दोनों शहरों के बीच सफर करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरा हो सकता है। वहीं, पटना से सिलीगुड़ी की दूरी करीब 2 घंटे में तय होने का अनुमान है।

पूरे दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर की लंबाई करीब 1,550 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है। इसे चरणों में विकसित करने की योजना है। दिल्ली-वाराणसी सेक्शन और उसके बाद वाराणसी से सिलीगुड़ी तक का हिस्सा परियोजना का महत्वपूर्ण भाग होगा।

350 KM प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड

इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को सामान्य रेलवे ट्रैक से अलग तकनीक पर तैयार करने की योजना है। ताजा RFP से जुड़ी जानकारी के अनुसार कॉरिडोर को 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की गति को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। ट्रेन संचालन की प्रस्तावित गति करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है, जबकि ट्रैक की डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी।

कैसा होगा बुलेट ट्रेन का ट्रैक?

हाई स्पीड रेल के लिए पारंपरिक गिट्टी वाले रेलवे ट्रैक के बजाय स्लैब ट्रैक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें पटरियों को मजबूत कंक्रीट स्लैब पर स्थापित किया जाता है। हाई स्पीड पर ट्रेन के सुरक्षित और स्थिर संचालन के लिए ट्रैक की सटीकता बेहद महत्वपूर्ण होती है।

प्रस्तावित कॉरिडोर में डबल लाइन, पुल, स्टेशन, डिपो, मेंटेनेंस डिपो और सुरंगों को भी हाई स्पीड मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित स्टेशनों पर करीब 415 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म बनाए जाने की योजना है।

पटना में कहां बन सकता है स्टेशन?

पटना में हाई स्पीड रेल स्टेशन की जगह को लेकर फुलवारीशरीफ और बिहटा जैसे क्षेत्रों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, अभी इसे अंतिम स्थान नहीं माना जा सकता। विस्तृत सर्वे और परियोजना की अंतिम DPR के बाद ही स्टेशन की लोकेशन स्पष्ट होगी।

अभी किस चरण में है परियोजना?

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी NHSRCL ने दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की DPR रेल मंत्रालय को सौंप दी है। वहीं, दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर के लिए आगे की तकनीकी और डिजाइन प्रक्रिया भी चल रही है। इसलिए बिहार में स्टेशन, अंतिम रूट और निर्माण की समयसीमा को लेकर अभी कई चीजें अंतिम मंजूरी के चरण में हैं।

हाई स्पीड रेल परियोजना के पूरा होने से बिहार के प्रमुख शहरों की दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से तेज कनेक्टिविटी विकसित हो सकती है। इससे यात्रियों के साथ व्यापार, पर्यटन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बेहतर रेल संपर्क मिलने की संभावना है।