समस्तीपुर में नाबालिग से छेड़खानी के आरोपियों के घर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण
समस्तीपुर में सरेराह नाबालिग से बदसलूकी और छेड़खानी के आरोपों के बाद पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन की टीम ने आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई राहुल पासवान, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के मकानों पर की गई। प्रशासन के अनुसार, तीनों मकान सरकारी जमीन पर बनाए गए थे।
बताया जा रहा है कि नाबालिग के साथ कथित बदसलूकी और छेड़खानी की घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इसी क्रम में प्रशासन की टीम ने संबंधित जमीन की जांच की और मकानों को सरकारी जमीन पर बना हुआ बताया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
तीनों आरोपियों के मकानों पर कार्रवाई
प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान मकानों के उन हिस्सों को हटाया गया, जिन्हें प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किया था। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में तीनों मकानों के सरकारी जमीन पर बने होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
नाबालिग से बदसलूकी का आरोप
यह मामला नाबालिग के साथ सरेराह कथित बदसलूकी और छेड़खानी से जुड़ा है। घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। मामले में आरोप साबित होना न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
बुलडोजर कार्रवाई के बाद इलाके में प्रशासन की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का आधार सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होना है। अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल पुलिस मामले में नाबालिग से जुड़ी घटना की जांच कर रही है, जबकि प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन पर बने मकानों के खिलाफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।