डिजिटल अरेस्ट से बाल-बाल बचे BJP MLC शैलेंद्र प्रताप सिंह, ठगों ने ATS अधिकारी बन किया फोन
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गए. गनीमत ये रही कि समय रहते उन्हें ये मामला समझ आ गया कि उनके साथ धोखा हो रहा है, नहीं तो उन्हें लाखों का चूना लग सकता था. उन्होंने पुलिस को सूचना देकर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करवाई है. इस मामले की जाँच की जा रही है.
दरअसल शैलेन्द्र प्रताप सिंह सुल्तानपुर अमेठी से विधान परिषद के सदस्य है. होलिका दहन के दिन 2 मार्च को दोपहर करीब 12.22 पर उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई था. फोन करने वाले ने खुद को एसटीएस मुंबई का अधिकारी बताया और बीजेपी नेता से उनके खातों की जानकारी मांगी. जिसके बाद फ़ोन करने वालों ने उन्हें डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया.
साइबर ठगी से बाल-बाल बचे बीजेपी नेता
आरोपियों ने उनसे फ़ोन पर ही आधार कार्ड देने को कहा, जिसके बाद उन्होंने उसकी एक कॉपी उनके पास भेज दी. इस तरह क़रीब एक-डेढ घंटे तक आरोपी ने उन्हें फोन पर ही ट्रैप कर लिया और उन्हें जेल जाने की धमकी देखकर डराते रहे. जिसके बाद शैलेंद्र सिंह को उनकी बातों पर शक होने लगा. इससे पहले वो उनसे कुछ पैसे ठग पाते वो समझ गए कि कोई उनके साथ फ्रॉड करना चाह जा रहा है.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
बीजेपी एमएलसी ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस तरह डिजिटल अरेस्ट होने की खबरें सुनी थी कि फोन पर इस तरह के फ्रॉड कॉल आते हैं जो डिजिटल अरेस्ट कर सकते हैं. लेकिन, इससे पहले उनका खाता खाली होता उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दी और साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी.
एमएलसी की माने तो उनके लोगों ने जब इस नंबर पर फोन किया तो ये नंबर मध्य प्रदेश के सतना जिले का निकला और इस फ़ोन को कोई महिला उठा रही थी, जिसके बाद उन्हें पूरा यकीन हो गया कि कोई उनके साथ साइबर फ्रॉड करना चाहता था.
बीजेपी नेता ने इस संबंध में स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उनकी तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. जिस नंबर से उनके पास फ़ोन आया था, उसकी जाँच की जा रही है. पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई हैं.