मुजफ्फरपुर में बाइक चोरी के बड़े नेटवर्क का सुराग, ₹1-1.5 हजार में खरीदकर नेपाल तक पहुंचाते थे वाहन
बाइक चोरी के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद नगर थाने की पुलिस को चोरी के वाहनों के एक बड़े नेटवर्क का सुराग मिला है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मीनापुर के खेमाईपट्टी निवासी मो. फिरोज ने चोरी की बाइकों की खरीद-बिक्री से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं।
₹1 से ₹1.5 हजार में बेचता था चोरी की बाइक
पुलिस के मुताबिक, मो. फिरोज चोरी की बाइक को जीरोमाइल निवासी अरमान के हाथों महज ₹1,000 से ₹1,500 में बेच देता था। इसके बाद अरमान इन चोरी की बाइकों को सीतामढ़ी में शराब तस्करों के हाथों बेचता था।
पूछताछ में सामने आया कि सीतामढ़ी में इन बाइकों की कीमत बढ़कर ₹4,000 से ₹5,000 तक हो जाती थी। इस तरह चोरी की बाइक को बेहद कम कीमत में खरीदने के बाद आगे कई गुना अधिक रकम में खपाया जाता था।
सीतामढ़ी से नेपाल भेजे जाने का दावा
पुलिस के अनुसार, सीतामढ़ी पहुंचने के बाद चोरी की कई बाइकों को नेपाल भेजकर खपाया जाता था। जांच में सामने आई इस जानकारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाइक चोरी करने से लेकर उन्हें अलग-अलग लोगों के जरिए दूसरे राज्यों और नेपाल तक पहुंचाने में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
शराब तस्करों तक पहुंचती थीं चोरी की बाइक
पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि चोरी की बाइकों की बिक्री सीतामढ़ी में शराब तस्करों के बीच की जाती थी। वहां इन वाहनों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था और इस नेटवर्क में कितने लोग जुड़े हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पूछताछ के बाद बढ़ेगा जांच का दायरा
एक आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद मिले सुरागों ने पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब पुलिस चोरी की बाइक के स्रोत, खरीदारों, बिचौलियों और नेपाल तक वाहन पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी