बिहार के 2.26 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने की तैयारी, संसाधन पर्याप्तता नियमावली में होगा बदलाव
बिहार के करीब 2.26 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को 24 घंटे विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्य में बिजली व्यवस्था से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग नई संसाधन पर्याप्तता नियमावली लाने की प्रक्रिया में है। इसका उद्देश्य बिजली की उपलब्धता को कागजी आंकड़ों तक सीमित रखने के बजाय उपभोक्ताओं के घरों और दफ्तरों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के तहत बिजली कंपनियों के पास उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप पर्याप्त बिजली संसाधन उपलब्ध रखने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए मौजूदा बिजली संसाधन पर्याप्तता नियमावली में बदलाव किया जा रहा है। नई नियमावली में बिजली की मांग, उपलब्ध क्षमता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों की योजना बनाने का प्रावधान किया जा सकता है।
दरअसल, बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल से खपत बढ़ जाती है। वहीं, उद्योग, कारोबार और घरेलू क्षेत्र में बिजली की बढ़ती जरूरत को देखते हुए भविष्य में भी आपूर्ति की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पर्याप्त बिजली उपलब्ध रखना बिजली वितरण व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
नई नियमावली का फोकस इस बात पर रहेगा कि बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हो। केवल कागज पर पर्याप्त बिजली संसाधन दिखाने के बजाय यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि जरूरत के समय उपभोक्ताओं को बिजली मिल सके।
इस बदलाव से बिजली कंपनियों को मांग का आकलन करने, पर्याप्त बिजली की व्यवस्था करने और भविष्य की जरूरतों के लिए पहले से तैयारी करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
राज्य में करोड़ों उपभोक्ताओं को नियमित और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में प्रस्तावित नई नियमावली को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, नई नियमावली के अंतिम प्रावधान और इसे लागू करने की समयसीमा आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।