बिहार में 20 जुलाई से 5 दिन का मानसून सत्र, 50 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश होने की तैयारी, पहली बार सदन में दिखेगा नई सरकार का वित्तीय एजेंडा
बिहार में आगामी मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई 2026 से बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 5 दिनों के लिए बुलाया जा सकता है। इस सत्र को राज्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें नई राजनीतिक व्यवस्था के तहत पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
यह पूरा सत्र बिहार विधानमंडल में आयोजित किया जाएगा, जहां राज्य के वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों पर गहन चर्चा होने की संभावना है। सत्र के दौरान सरकार विकास योजनाओं, बजट आवंटन और विभिन्न विभागों के कार्यों पर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करेगी।
इस सत्र की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पहली बार अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसे सरकार की आर्थिक नीति और विकास रोडमैप का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस बार लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। यह बजट राज्य में चल रही विकास योजनाओं को गति देने, नई परियोजनाओं को मंजूरी देने और विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
वित्त विभाग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इस बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य राज्य में विकास कार्यों को और तेज गति देना बताया जा रहा है।
यह बजट बिजेन्द्र यादव सदन में पेश करेंगे। वे वित्तीय प्रबंधन और बजट प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालेंगे। उम्मीद की जा रही है कि बजट में पिछली योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ नई योजनाओं की घोषणा भी की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में इस सत्र को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार अपनी आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगी। विपक्ष भी इस सत्र में कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटा लेकिन प्रभावी सत्र होने के बावजूद यह राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसमें लिए जाने वाले फैसलों का असर आने वाले महीनों में राज्य की विकास गति पर दिखाई देगा।
बिहार में यह मानसून सत्र न केवल बजट के कारण बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी सुर्खियों में रहने की संभावना है। फिलहाल सत्र की औपचारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद पूरा कार्यक्रम स्पष्ट हो जाएगा।