इंडिया एआई इंपैक्ट एक्सपो-2026 में बिहार ने पेश किया तकनीक आधारित शासन का मॉडल
इंडिया एआई इंपैक्ट एक्सपो-2026 में बिहार ने तकनीक आधारित शासन का मॉडल राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया। इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग और बिहार लोक प्रशासन और निर्वाचन विभाग (BIPARD) ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए देश का पहला मोबाइल आधारित रिमोट ई-वोटिंग सिस्टम प्रदर्शित किया।
इस नवीनतम प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग किया गया है। इसका उद्देश्य प्रवासी, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की मतदान प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाना है। इससे मतदाता न केवल आसानी से मतदान कर सकेंगे, बल्कि प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी भी रहेगी।
BIPARD के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से मतदाता अपने मोबाइल फोन या अन्य डिजिटल उपकरणों से कहीं से भी सुरक्षित रूप से वोट डाल सकते हैं। AI और FRS तकनीक से मतदाता की पहचान सुनिश्चित की जाती है, जबकि ब्लॉकचेन तकनीक प्रत्येक वोट को ट्रेस करने योग्य और अपरिवर्तनीय बनाती है।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “इस प्रणाली का उद्देश्य डिजिटल लोकतंत्र को मजबूत करना और सभी मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में शामिल करना है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी है, जो पारंपरिक मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते हैं।”
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार की यह पहल देश में डिजिटल लोकतंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल मतदान में भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
इस परियोजना के लागू होने से बिहार अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में उभर सकता है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह प्रणाली सफलतापूर्वक लागू होती है, तो भारत में भविष्य के चुनाव और शासन की प्रक्रियाओं में डिजिटल और सुरक्षित परिवर्तन संभव हो सकेगा।
BIPARD और राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह प्रणाली आने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े पैमाने पर उपयोग की जाएगी, जिससे प्रवासी, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की सक्षम और सुरक्षित भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
बिहार सरकार का यह कदम तकनीक आधारित प्रशासन और डिजिटल लोकतंत्र के क्षेत्र में राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में सहायक होगा। एक्सपो में प्रदर्शित इस प्रणाली ने यह संदेश दिया कि डिजिटल नवाचार के माध्यम से लोकतंत्र को और अधिक सुलभ, सुरक्षित और समावेशी बनाया जा सकता है।