बिहार में चौथे चरण में 46 हजार शिक्षकों की भर्ती, मार्च में जारी होगा विज्ञापन
बिहार में शिक्षा विभाग में चौथे चरण के तहत बड़ी भर्ती प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है। इस चरण में 46,000 शिक्षकों की बहाली की जाएगी। भर्ती से संबंधित विज्ञापन मार्च 2026 में जारी होने की संभावना है। यह भर्ती कक्षा एक से 12वीं तक के शिक्षकों की रिक्तियों को भरने के लिए की जा रही है।
शिक्षा विभाग ने कुल 44,500 रिक्तियां भेजी हैं, जिनमें कक्षा पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं, 9वीं से 10वीं और 11वीं से 12वीं तक के विद्यालय अध्यापक शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया के लिए आवश्यक तैयारी शुरू कर दी गई है और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी मार्च में जारी किए जाने वाले विज्ञापन में दी जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। इस भर्ती प्रक्रिया से स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया के पूरा होने के बाद लाखों छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी और पढ़ाई में व्यवधान कम होगा।
शिक्षा विभाग ने बताया कि चयन प्रक्रिया में योग्यता, अनुभव और परीक्षा परिणाम को ध्यान में रखा जाएगा। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके साथ ही विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी चयन प्रक्रियाएं पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हों।
पिछले चरणों में भी शिक्षक भर्ती हुई थी, लेकिन रिक्तियों की संख्या अधिक होने के कारण कई पद अभी भी खाली हैं। चौथे चरण की इस भर्ती प्रक्रिया से शिक्षा विभाग का लक्ष्य सभी स्कूलों में शिक्षक-संकट को कम करना और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण का प्रावधान भी रखा जाएगा। विभाग ने यह भी कहा कि आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को सभी नियमों और निर्देशों का पालन करना होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस भर्ती प्रक्रिया का व्यापक असर छात्रों के शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया पर पड़ेगा। स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ने से बच्चों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिलेगा और पढ़ाई में सुधार आएगा।
अंततः, बिहार में चौथे चरण के तहत 46,000 शिक्षकों की भर्ती राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। मार्च में विज्ञापन जारी होने के बाद उम्मीदवार इस भर्ती प्रक्रिया में आवेदन कर सकेंगे। यह कदम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएगा बल्कि शिक्षकों की कमी को भी कम करेगा, जिससे बिहार के छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।